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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: ऊपरी मन से जातीय गणना का समर्थन कर रही भाजपा, अगर ऐसा है तो पूरे देश में कराए सर्वे; जदयू ने बीजेपी पर बोला हमला

    By BHUWANESHWAR VATSYAYANEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Mon, 16 Oct 2023 12:02 PM (IST)

    जातीय गणना को लेकर बिहार में सियासत गरमा गई है। पक्ष और विपक्ष के नेता आए दिन इस मुद्दे पर एक दूसरे को घेर रहे हैं। इस बीच जदयू के राष्ट्रीय महासचिव र ...और पढ़ें

    जातीय गणना को लेकर बिहार में सियासत गरम
    जातीय गणना को लेकर बिहार में सियासत गरम

    HighLights

    1. राजीव ने कहा कि जाति भारतीय समाज की सच्चाई
    2. जदयू नेता ने कहा, कई जातियां आज भी जोह रही हैं विकास का बाट

    राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन ने रविवार को कहा कि भाजपा नेताओं को वह चुनौती देते हैं कि यदि वे लोग जातिगत गणना के समर्थन में हैं तो इसे पूरे देश में करवाने की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना के मामले में भाजपा का रवैया मुंह में राम बगल में छुरी की कहावत सरीखा है।

    उन्होंने कहा कि उनके नेता ऊपरी मन से जाति आधारित गणना के समर्थन में बयान दे रहे हैं पर अंदरूनी बात यह है कि इसे रोकने के लिए उन लोगों ने ए़़ड़ी-चोटी का जोड़ लगा दिया था।

    राजीव ने कहा कि जाति भारतीय समाज की सच्चाई है। कुछ जातियां आरंभ से ही सशक्त रही हैं। लेकिन कई जातियां आज भी विकास का बाट जोह रही हैं।

    संपन्न व कमजोर वर्गों की पहचान

    राजीव ने आगे कहा कि जातिगत जनगणना की रिपोर्ट के माध्यम से आए आंकड़े के माध्यम से सभी जातियों की आर्थिक व सामाजिक समीक्षा कर समाज के संपन्न व कमजोर वर्गों की पहचान की जा सकती है।

    गौरतलब है कि बिहार में नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर जाति आधारित गणना के डाटा को देश के सामने रखा।

    इससे यह साफ हो गया कि राज्य में किस जाति के कितने लोग रहते हैं। हालांकि, इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। इसके बावजूद डेटा रिलीज कर दी गई।

    जातीय गणना का डेटा सार्वजनिक होने के बाद पूरे देश में सियासत गरमा गई। विपक्ष के नेताओं ने देश भर में जातीय गणना कराने की मांग कर दी।  

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