बिहार सरकार की पहल से शहर से गांव तक चमक रहे छठ घाट, स्वच्छता की कमान संभाल रहीं महिला मुखिया
बिहार में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, जहाँ मुख्यमंत्री के निर्देश पर घाटों की साफ-सफाई का व्यापक अभियान ...और पढ़ें

HighLights
मुख्यमंत्री के निर्देश पर छठ घाटों की व्यापक सफाई।
महिला मुखियाएं स्वयं स्वच्छता अभियान में जुटीं।
छठ पर्व सामाजिक एकता और प्रकृति प्रेम का संदेश।
डिजिटल डेस्क, मोतिहारी/लखीसराय/पटना। छठ पूजा बिहार के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक भावना है जो हर बिहारी के दिल से गहराई से जुड़ी है। जैसे-जैसे यह महापर्व नजदीक आ रहा है, पूरे राज्य में उत्साह और भक्ति का माहौल है। इस बार माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर शहरों से लेकर दूर-दराज की पंचायतों तक, छठ घाटों को पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ बनाने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। इसी कड़ी में, कुछ महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने काम से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो वाकई तारीफ़ के काबिल है ।
त्योहार नहीं, अनुशासन और प्रकृति प्रेम का संदेश है छठ
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत राज मठिया की मुखिया ज्योति कुमारी ने इस पर्व को सामाजिक एकता और प्रकृति प्रेम का अनूठा उदाहरण बताया है। वे पूरे भक्तिभाव से कहती हैं, "छठ महापर्व केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमें त्याग, तपस्या, स्वच्छता और अनुशासन सिखाता है।"
ज्योति कुमारी ने अपनी पंचायत के लोगों से एक अपील की हैं कि वे इस महापर्व पर संकल्प लें और अपने घरों के साथ-साथ गांव, गलियों और छठ घाटों को भी स्वच्छ और सुंदर बनाए रखें।
खुद झाड़ू लेकर घाट चमकाने उतरीं मुखिया जूली देवी
इधर, नोनगढ़ ग्राम पंचायत में तो आस्था और समर्पण का एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। यहां स्वच्छ घाट, सुंदर छठ का नारा गूंज रहा है। पंचायत की मुखिया जूली देवी ने सफाई का जिम्मा केवल मजदूरों पर नहीं छोड़ा, बल्कि वे खुद झाड़ू लेकर घाटों को चमकाने के लिए मैदान में उतर आई हैं।
मुखिया जूली देवी अपने हाथों से घाट की सफाई कर रही हैं। नोनगढ़ पंचायत के सभी गांवों के घाटों की सफाई का संकल्प लेते हुए, उन्होंने सभी छठ व्रतियों और ग्रामीणों से एक खास निवेदन भी किया है कि वे घाटों को साफ रखें और पूजा में प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
स्वच्छता से खिल उठेगा माहौल
जब जनप्रतिनिधि खुद आगे आकर इस तरह की लगन और श्रद्धा दिखाते हैं, तो आम लोगों में भी एक नई ऊर्जा भर जाती है। राज्य सरकार की मुहीम और इन महिला मुखियाओं की मेहनत से यह तय है कि इस बार गांवों के छठ घाट पहले से कहीं ज्यादा स्वच्छ और सुंदर होंगे।
स्वच्छ घाट, स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ मन के साथ जब अर्घ्य दिया जाएगा, तो भगवान सूर्य देव और छठी मैया की कृपा पूरे बिहार पर बरसेगी,जय छठी मैया।