विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से 9 हजार से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, 671 करोड़ से मिला रोजगार को बढ़ावा

Published: Wed, 26 Aug 2026 04:12 PM (IST)

मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से बिहार में 9,100 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं, जिन्हें 671 करोड़ रुपये से अधिक ...और पढ़ें

9,100 से अधिक महिलाओं ने शुरू किया व्यवसाय

9,100 से अधिक महिलाओं ने शुरू किया व्यवसाय

HighLights

  1. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से 9,100+ महिलाओं ने व्यवसाय शुरू किया।

  2. 671 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मिली, बनीं आत्मनिर्भर।

  3. महिला उद्यमियों ने खुद के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित किए।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

9,100 से अधिक महिलाओं ने शुरू किया व्यवसाय

उद्योग विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के माध्यम से अब तक 9,100 से अधिक महिलाओं ने अपना व्यवसाय स्थापित किया है। सरकार की ओर से उन्हें 671 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

शौक को बनाया रोजगार, दूसरों को भी दिया काम

योजना से लाभान्वित ग्रामीण और शहरी महिलाएं आज अपना कारोबार चला रही हैं। कई महिला उद्यमियों ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।

ममता की आटा-बेसन इकाई बनी सफलता की मिसाल

बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड के भीतिया गांव की ममता कुमारी को आटा-बेसन उत्पादन परियोजना के लिए 7 लाख रुपये की सहायता मिली। आज वह प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये कमा रही हैं।

पांच लोगों को भी मिला रोजगार

ममता कुमारी की इकाई में पांच अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है। स्वरोजगार के माध्यम से वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी कर रही हैं।

बबीता की फुटबॉल इकाई से जुड़ीं 50 महिलाएं

बांका के बाराहाट प्रखंड के नया नगरी गांव की बबीता कुमारी ने योजना की सहायता से फुटबॉल बनाने की इकाई स्थापित की। आज इस इकाई से आसपास की करीब 50 महिलाओं को रोजगार मिला है।

40 लाख रुपये तक पहुंचा वार्षिक टर्नओवर

बबीता की इकाई का वार्षिक टर्नओवर लगभग 40 लाख रुपये हो चुका है। यहां निर्मित फुटबॉल बिहार के अलावा बंगाल, झारखंड, ओडिशा और असम तक भेजे जा रहे हैं।

केक बनाने के शौक से शुरू की बेकरी

कैमूर जिले के चांद प्रखंड के महादेछ गांव की सरिता यादव ने केक बनाने के अपने शौक को रोजगार में बदल दिया। योजना से वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने गांव में बेकरी शुरू की।

गांव के चार लोगों को मिला काम

सरिता यादव की बेकरी में चार अन्य लोग भी काम कर रहे हैं। इससे उन्हें अपने गांव में ही आय का साधन मिला और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े।

योजना में 10 लाख रुपये तक की सहायता

मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत नया व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रति इकाई परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। इसके अलावा 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये विशेष प्रोत्साहन अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।