यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Congress Candidates: कांग्रेस ने इन 5 सीटों पर भी फाइनल किए उम्मीदवार, समस्तीपुर से सन्नी हजारी को टिकट
समझौते के तहत महाराजगंज सीट कांग्रेस को एक अंतराल के बाद मिली है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र आकाश सिंह कई दावेदारों को प ...और पढ़ें

HighLights
- समस्तीपुर से सन्नी हजारी, मुजफ्फरपुर से अजय निषाद और महाराजगंज से आकाश सिंह
- पटना साहिब, पूर्वी चंपारण, सासाराम के प्रत्याशियों का नाम तय होगा 26 अप्रैल के बाद
राज्य ब्यूरो, पटना। महागठबंधन में अपने हिस्से की नौ में से एकमात्र पटना साहिब को छोड़ कांग्रेस ने शेष सभी संसदीय क्षेत्रों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। दूसरे चरण के तीन उम्मीदवार पहले ही घोषित हो चुके थे। सोमवार को पांच अन्य उम्मीदवारों की घोषणा हुई।
समस्तीपुर में सन्नी हजारी, मुजफ्फरपुर में अजय निषाद, महाराजगंज में आकाश कुमार सिंह, सासाराम में मनोज कुमार और पश्चिम चंपारण में मदन मोहन तिवारी पर दांव लगाया गया है। समस्तीपुर और सासाराम अनुसूचित जाति के लिए बिहार में सुरक्षित कुल छह संसदीय क्षेत्रों में से हैं।
सन्नी हजारी मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र हैं और कुछ ही दिन पहले कांग्रेस में सम्मिलित हुए थे। उनके साथ सांसद अजय निषाद ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली थी। वे मुजफ्फरपुर से पिछला दो चुनाव भाजपा के टिकट पर जीत चुके हैं। पिछली बार प्रतिद्वंद्वी रहे राजभूषण निषाद ही इस बार भाजपा के टिकट पर उनसे मुकाबला करेंगे।
बेतिया से विधायक रहे मदन मोहन तिवारी पश्चिम चंपारण में भाजपा से तीन बार सांसद रहे डा. संजय जायसवाल से भिड़ेंगे। मनोज कुमार सासाराम में भाजपा के शिवेश राम से मुकाबला करेंगे। पिछली बार बसपा के टिकट पर मनोज सासाराम में 86406 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। उनकी पत्नी पूनम भारती अभी रोहतास जिला परिषद की अध्यक्ष हैं।
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समझौते के तहत महाराजगंज सीट कांग्रेस को एक अंतराल के बाद मिली है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र आकाश प्रसाद सिंह कई दावेदारों को पछाड़ते हुए वहां पहली बाजी मार ले गए हैं। पिछली बार वे पूर्वी चंपारण में रालोसपा के टिकट पर मात खा गए थे।
दूसरे चरण के तीन संसदीय क्षेत्रों (किशनगंज, कटिहार, भागलपुर) में प्रत्याशियों की घोषणा पहले की कर चुकी है। वहां 26 अप्रैल को मतदान होना है। पिछली बार कांग्रेस के बूते महागठबंधन एकमात्र किशनगंज में विजयी रहा था। सांसद मो. जावेद इस बार भी मैदान में हैं। कटिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर और भागलपुर में नगर विधायक अजीत शर्मा दांव आजमा रहे हैं।
आमने सामने दो मंत्रियों की संतानें
बहरहाल समस्तीपुर ऐसा संसदीय क्षेत्र है, जहां जदयू के ही दो मंत्रियों के पुत्र व पुत्री आमने-सामने के प्रतिद्वंद्वी हैं। दोनों के लिए संसदीय चुनाव का पहला अनुभव है। प्रखंड प्रमुख सन्नी हजारी से पहले ही लोजपा की घोषित प्रत्याशी शांभवी चौधरी वहां चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। वे मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री व चर्चित आइपीएस अधिकारी रहे किशोर कुणाल की पुत्रवधू हैं।
परंपरागत जनाधार पर भरोसा
कांग्रेस के अब तक घोषित आठ प्रत्याशियों में सवर्ण समुदाय से तीन, मुसलमान और अनुसूचित जाति से दो-दो के साथ अजय निषाद अति पिछड़ा वर्ग से हैं। सवर्णों में अजीत शर्मा और आकाश प्रसाद सिंह भूमिहार समाज से हैं, जबकि मदन मोहन तिवारी ब्राह्मण। तारिक अनवर व मो. जावेद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि हैं।
अनुसूचित जाति में सन्नी हजारी पासवान समाज से हैं और मनोज कुमार चर्मकार हैं।कांग्रेस का परंपरागत जनाधार सवर्ण व अनुसूचित जाति के साथ मुसलमान वर्ग में ही है। इसी जनाधार से इस बार भी विशेष आसरा है।
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