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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Patna: भैया आगे मत बढ़ना खतरा है... कहकर नकाबपोश अपराधियों ने अधेड़ पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, मौके पर हुई मौत

    By Mohit TripathiEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Mon, 31 Jul 2023 12:18 AM (GMT+05:30)

    Bihar Crime News पटना के खाजेकलां थाने में रविवार सुबह 1130 बजे दुर्गाचरण लेन से अपने मित्र बबलू कुमार सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने गये 45 वर ...और पढ़ें

    दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था संतोष। (प्रतीकात्मक फोटो)
    दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था संतोष। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने खाजेकलां घाट गया था संतोष।
    2. 4-5 की संख्या में आये अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग।
    3. संतोष के शरीर के विभिन्न हिस्सों में लगीं 12 गोलियां।

    जागरण संवाददाता, पटना सिटी: पटना के खाजेकलां थाने में रविवार सुबह 11:30 बजे दुर्गाचरण लेन से अपने मित्र बबलू कुमार सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने गये 45 वर्षीय संतोष कुमार उर्फ क्लैंपू चौधरी की अपराधियों ने खाजेकलां घाट पर शौच के दौरान ताबड़तोड़ कई गोलियां मारकर हत्या कर दी।

    हत्या के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेजा। देर शाम में संतोष कुमार का भी अंतिम संस्कार खाजेकलां घाट पर ही किया गया।

    खाजेकलां थानाध्यक्ष राहुल कुमार ठाकुर ने बताया कि संतोष आलमगंज थाना क्षेत्र के हाजमा गली का रहने वाला था। उसके खिलाफ आलमगंज थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह जेल भी जा चुका है। प्रथम दृष्टया पुलिस हत्या का कारण पुरानी रंजिश बता रही है। हालांकि, स्वजनों ने अभीतक प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई है।

    4-5 की संख्या में आये अपराधी

    संतोष के मित्रों ने बताया कि बबलू की चिता जलने के बाद वहां से बाईं ओर लगभग 100 मीटर की दूरी पर गंगा घाट किनारे संतोष कुमार उर्फ क्लैंपू शौच करने बैठा ही था कि चेहरे को कपड़े से ढंके चार-पांच अपराधी आ धमके और उससे कहा कि भईया आगे मत बढ़िएगा खतरा है। यह कहते हुए अपराधियों ने संतोष पर फायरिंग कर दी।

    12 राउंड अधिक बार की गई फायरिंग

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपराधियों ने एक दर्जन से अधिक गोलियां चलाई। ताबड़तोड़ फायरिंग होते गंगा तट पर अफरातफरी मच गई। संतोष को ढेर होता देख अपराधी आराम से फायरिंग करते निकल गए।

    बाद में घटनास्थल से पुलिस ने तीन खोखे बरामद किए। वहां एक पैर का काला चप्पल और थोड़ी दूर पर एक पीले रंग का कपड़ा भी मिला है।

    शरीर पर मिले 12 गोलियों के निशान

    अंतिम संस्कार में शामिल मित्र खून से लथपथ संतोष को टेंपो पर लेकर तेजी से एनएमसीएच की ओर गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, संतोष के कंधे से गर्दन के बीच पांच, पंजरा में तीन, बाएं हाथ की कलाई में दो, बाजू व पैर में दो गोली के के निशान मिले हैं।

    पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने पिस्टल से जिस तरह से ताबड़तोड़ गोली मारी है, उससे स्पष्ट है कि उनका उद्देश्य संतोष की हत्या करना ही था।

    चार भाइयों में बड़ा था संतोष

    स्वजन ने बताया कि योगेंद्र चौधरी के चार पुत्रों में संतोष बड़ा था। परिवार में पत्नी संजू देवी, 16 वर्षीय पुत्र निखिल व 12 वर्षीया पुत्री अनुष्का है।

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