यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: फार्मा की जगह बोर्ड पर लिख रखा था क्लिनिक... न डॉक्टर की वैध डिग्री और न फार्मासिस्ट फिर भी इलाज संग बेच रहे थे दवा; हुई कार्रवाई
बिहार की राजधानी पटना में चांदसी क्लीनिक के नाम जारी औषधि विक्रय लाइसेंस सहायक औषधि नियंत्रक ने रद्द कर दी है। जांच के क्रम में पाया गया था कि बोर्ड प ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पटना। पटना में दीघा-दानापुर मुख्य मार्ग पर अल्पना सिनेमा के पास स्थित चांदसी क्लीनिक के नाम जारी औषधि विक्रय लाइसेंस सहायक औषधि नियंत्रक ने रद्द कर दिया। राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव की शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
जांच के क्रम में पाया गया था कि बोर्ड पर चांदसी फार्मा की जगह क्लीनिक लिखा हुआ था। दुकान पर फार्मासिस्ट और प्रतिबंधित दवाओं के बिल व रजिस्टर संधारित नहीं थे। और तो और 20 वर्षों से गंभीर रोगों के उपचार का दावा करने वाले डॉक्टर के पास डिग्री भी वैध नहीं थी।
तबीयत खराब होने का बहाना
उनके पास एमबीबीएस, एमडी-एमएस के बजाय बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी (बीएमबीएस) की डिग्री थी। वहीं, दुकान संचालक ने अपने जवाब में कहा कि जांच के समय दीपावली होने के कारण साफ-सफाई चल रही थी और उसकी तबीयत खराब थी। इस कारण बिल व कैशमेमो इधर-उधर हो गया।
विभाग ने जवाब को नहीं माना सही
उसने बताया कि दुकान का बोर्ड लगा रहे हैं। ग्रामीण चिकित्सा कार्य हेतु बिहार सरकार ने आरएमसी प्रमाणपत्र दिया है, जिसके आधार पर वह प्राथमिक उपचार करता है।
हालांकि, उसके जवाब को अस्वीकार करते हुए सहायक औषधि नियंत्रक ने जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दवा के प्रदर्शन व विक्रय पर रोक लगा दी।
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