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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Crime: 22 वर्षों तक सजा काटने के बाद भी नहीं तोड़ा अपराध की दुनिया से नाता, STF ने कुख्यात शिव गोप को दबोचा

    By Mukul KumarEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Thu, 22 Feb 2024 09:47 AM (IST)

    Bihar Crime News कुख्यात वांछित अपराधी शिव गोप उर्फ शिवजी प्रसाद को दीघा थाना क्षेत्र से छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया गया। शिव गोप के विरुद्ध पटना के ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. 22 वर्षों तक सजा काटने के बाद भी नहीं तोड़ा अपराध से नाता
    2. बाहुबली के रिश्तेदार की अंत्येष्टि में शामिल होकर घर लौट रहा था

    जागरण टीम, पटना। Bihar Crime News बिहार एसटीएफ की विशेष टीम ने जिले के कुख्यात वांछित अपराधी शिव गोप उर्फ शिवजी प्रसाद को दीघा थाना क्षेत्र से छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। शिव गोप पर नगर परिषद अध्यक्ष के पति दीपक महतो की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। यह घटना मार्च, 2022 की है।

    शिव गोप के विरुद्ध पटना के बेउर, जक्कनपुर समेत कई थानों में हत्या, रंगदारी, अपहरण जैसे गंभीर धाराओं में कांड दर्ज हैं। बेउर जेल में 22 वर्षों तक सजा काटने के बाद शिव गोप ने अपराध की दुनिया से नाता नहीं तोड़ा और वारदातों में सक्रिय रहा। पूर्व के दो हत्याकांडों में शिव गोप की संलिप्तता बताई गई।

    न्यायालय से वारंट लेने के बाद बिहार एसटीएफ की टीम ने मंगलवार की देर शाम उसे जेपी गंगा पथ से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह एक बाहुबली के रिश्तेदार की अंत्येष्टि में शामिल होकर घर लौट रहा था। शिव गोप जक्कनपुर के मीठापुर स्थित ब्रह्मदेव भवन का रहने वाला है।

    फुलवारीशरीफ एसडीपीओ विक्रम सिहाग ने बताया कि वह 1993 से अपराध में संलिप्त रहा है। 24 अगस्त 2020 में बेउर थाना क्षेत्र में शिवजी नगर के प्रभु मार्केट स्थित टुनटुन राय की कंंस्ट्रक्शन कंपनी पर फायरिंग हुई थी। इसमें पांच लोगों को गोली लगी थी, जिसमें से एक की मौत हो गई थी।

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    शिव गोप पर हो चुकी है सीसीए की कार्रवाई

    जेल में रहने के दौरान भी पटना पुलिस ने उसके विरुद्ध सीसीए 12 का प्रस्ताव भेजा था। इसकी वजह से उसे जमानत नहीं मिल रही थी। इसके पीछे का कारण पुलिस ने दिया था कि शिव गोप के बाहर आने से अपराधी सक्रिय हो सकते हैं।

    उस समय मीठापुर में निजी बस स्टैंड था, जहां उसका सिक्का चलता था। हालांकि, बाद में वह हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था। संभव है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शिव गोप पर एक बार फिर सीसीए की कार्रवाई की जा सकती है।

    अब तक नहीं पकड़ा गया एक भी शूटर

    गौरव कंस्ट्रक्शन पर फायरिंग करने वाले एक भी शूटर पकड़े नहीं गए। इस मामले के एक आरोपित की हत्या हो चुकी है। बड़ी बात है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय पर फायरिंग में कार्बाइन का इस्तेमाल किया गया था। भागने के क्रम में अपराधियों की पल्सर बाइक (बीआर01डीबी-5535) मौके पर ही छूट गई थी।

    सीसीटीवी फुटेज भी तेजी से प्रसारित हुआ था। हैरत है कि इतने सारे साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस शूटरों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

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