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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Doctor Strike: कोलकाता की घटना को लेकर NMCH के मेन गेट पर लटका ताला, इमरजेंसी और ओपीडी सेवा ठप; 1 मरीज की मौत

    Updated: Fri, 16 Aug 2024 02:30 PM (IST)

    कोलकाता की घटना को लेकर पटना में जूनियर डॉक्टर ने इमरजेंसी सेवा ठप कर दी है। इस बीच इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई है। ओपीडी सेवा ठप होने से ...और पढ़ें

    अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार मैं ताला लटका होने के कारण बाहर खड़े मरीज
    अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार मैं ताला लटका होने के कारण बाहर खड़े मरीज

    HighLights

    1. कोलकाता की घटना को जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन
    2. पटना के एनएमसीएच अस्पताल में इमरजेंसी सेवा ठप
    3. इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज की मौत, मरीज हो रहे परेशान

    जागरण संवाददाता, पटना सिटी। कोलकाता के अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को शुक्रवार को पूरी तरह से ठप कर दिया। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया।

    निजी सुरक्षा गार्ड किसी भी मरीज को अस्पताल में आने नहीं दे रहे हैं। सुबह से ही अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था बंद है। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का इलाज प्रभावित है। इमरजेंसी में भर्ती मारूफगंज निवासी 60 वर्षीय रामबाबू राय की मौत हो गई।

    सुबह में भर्ती 27 मरीजों में से 8 मरीज लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस यानी लामा हो गए। कई मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

    इमरजेंसी के रजिस्टर डॉ जावेद अख्तर ने बताया कि इमरजेंसी में जो मरीज रह गए हैं, उनका इलाज सीनियर डॉक्टर कर रहे हैं। उनकी अलग से ड्यूटी लगाई गई है। नए मरीजों की भर्ती नहीं हो पा रही है।

    इमरजेंसी सेवा बाधित न करने की अपील

    नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्राचार्य प्रो डॉ उषा कुमारी ने चरमराई चिकित्सा व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को अपने कक्ष में सीनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की।

    उन्होंने कोलकाता में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना को शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने हड़ताली डॉक्टरों से इमरजेंसी सेवा बाधित न करने की अपील की।

    प्राचार्य ने बताया कि बिगड़े हालात से निपटने के लिए सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई गई है। भर्ती मरीजों को डॉक्टर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा को लेकर सभी डॉक्टर चिंतित हैं।

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