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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिहार में बिजली की मांग का टूटेगा रिकॉर्ड! अगस्त-सितंबर में मांग 9000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना

    Updated: Sun, 30 Mar 2025 10:38 AM (IST)

    बिहार में अगस्त -सितंबर महीने में बिजली की मांग में रिकॉर्ड इजाफा होने की संभावना है। इस साल अप्रैल-मई महीने में राज्य में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 7 ...और पढ़ें

    बिहार में अगस्त-सितंबर में बढ़ेगी बिजली की मांग
    बिहार में अगस्त-सितंबर में बढ़ेगी बिजली की मांग

    HighLights

    1. ERPC के अधिकारियों के साथ ऊर्जा सचिव ने कोलकाता में की बैठक
    2. बिहार की विद्युत स्थिति से जुड़े मुद्दों पर की गई विस्तार से चर्चा
    3. अप्रैल-मई में 7000 मेगावाट तक पहुंच सकती है बिजली की मांग

    राज्य ब्यूरो, पटना। ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को ईस्टर्न रीजनल पावर कमेटी (ERPC) के अधिकारियों के साथ बैठक की। कोलकाता में हुई इस बैठक में ऊर्जा सचिव ने कहा कि अगस्त-सितंबर में बिहार में बिजली की मांग नौ हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

    विद्युत स्थिति से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

    बैठक में बिहार की विद्युत स्थिति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव ने बिहार में हाल के वर्षों में उप-संचरण और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के कारण राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    अगस्त-सितंबर तक नौ हजार मेगावाट तक पहुंचेगी बिजली की मांग

    इस वर्ष अप्रैल-मई माह में राज्य की विद्युत अधिकतम मांग लगभग 7000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है, जबकि अगस्त-सितंबर में यह मांग बढ़कर 9000 मेगावाट तक पहुंच सकती है।

    ईआरपीसी के सदस्य सचिव ने इस मांग को पूरा करने के लिए चल रहे विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।

    इन परियोजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा

    इसमें एसजेवीएन- बक्सर ताप विद्युत संयंत्र (2X 660 मेगावाट), एनटीपीसी- बाढ़ (स्टेज-1, यूनिट III, 660 मेगावाट) और एनटीपीसी- नार्थ करनपुरा (यूनिट III, 660 मेगावाट) विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।

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    बिजली खरीदने की व्यवस्था में जुटी सरकार

    • ऊर्जा सचिव ने जानकारी दी कि संभावित विद्युत मांग को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों से विद्युत क्रय की आवश्यक व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
    • संबंधित विद्युत उत्पादन कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि इन परियोजनाओं को शीघ्र कमीशन किया जा सके।
    • उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों से बिहार के औद्योगिक और आर्थिक विकास को और अधिक गति मिलेगी।

    रविवार-सोमवार को बिजली कंपनी का खुला रहेगा कार्यालय

    विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के समापन पर बिजली कंपनी सभी कलेक्शन काउंटर को 30 और 31 मार्च को खुला रखेगी। महाप्रबंधक (राजस्व) अरविंद कुमार ने निर्देश जारी कर कहा है कि 31 मार्च को मुस्लिम कर्मी अवकाश पर रह सकते हैं।

    उपभोक्ता आसानी से अपने विद्युत बिल का भुगतान ससमय जमा करें। विद्युत कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि यह विशेष सुविधा उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम दिनों में राजस्व संग्रहण में वृद्धि होती है और उपभोक्ताओं की संख्या अधिक हो जाती है।

    उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील कि है कि जिनका बिजली बिल बकाया है वह अविलंब जमा कर दें नहीं तो उनके घर एवं प्रतिष्ठान की बिजली काट दी जाएगी।

    बकाया बिजली बिल वसूली एवं विद्युत कनेक्शन काटने के लेकर अभियंता एवं कर्मचारी अपने अपने क्षेत्र में लगे रहेंगे। बिजली कंपनी के निर्देश पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

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