बिहार में किसानों का प्रदर्शन, टाउनशिप प्रोजेक्ट और भारत-अमेरिका समझौते का विरोध
नौबतपुर में किसानों ने पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पीएम मोदी और डोनाल्ड ...और पढ़ें

किसानों का प्रदर्शन। फोटो जागरण
HighLights
नौबतपुर में किसानों ने किया सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध।
भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ फूंका पुतला।
किसानों ने 5 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा, आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, नौबतपुर। प्रस्तावित पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ बुधवार को नौबतपुर में किसानों ने मोर्चा खोल दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
प्रदर्शन की शुरुआत छोटी टेंगरैला स्थित बुद्ध चौक से हुई। यहां से किसानों ने प्रतिरोध मार्च निकाला जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए राजीव गांधी चौक पहुंचा।
चौक पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया।
इसके बाद किसान प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे और वहां धरना दिया। धरना समाप्ति के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी को 5 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए लैंड पुलिंग के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की साजिश रची जा रही है।
वक्ताओं ने साफ कहा कि किसानों की सहमति के बिना एक इंच जमीन भी नहीं दी जाएगी। कृषि भूमि ही उनकी रोजी-रोटी है और इसे किसी भी कीमत पर बचाया जाएगा।
व्यापक आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने मांग की कि टाउनशिप परियोजना की लैंड पुलिंग योजना तत्काल वापस ली जाए। साथ ही भारत-अमेरिका FTA पर हस्ताक्षर न किए जाएं, क्योंकि इससे देश के किसान और छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।
इसके अलावा सभी फसलों की लाभकारी कीमत पर कानूनी गारंटी, खाद-बीज की समय पर उचित दर पर उपलब्धता और प्रखंड-अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक की भी मांग उठाई गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मौके पर कृपानारायण सिंह, पूर्व मुखिया मधेश्वर शर्मा, पप्पू शर्मा, बिजेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, ओमप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।