यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहारवालों को न लगे चिटफंड का चूना, इसलिए वित्त विभाग ने बना डाला विशेष पोर्टल; ऐसे करेगा काम
फर्जी रूप से संचालित गैर-बैंकिंग वित्तीय (एनबीएफसी) और चिटफंड कंपनियों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई स्तरों पर प्रयास चल रहा है। इस क्रम मे ...और पढ़ें

HighLights
- जमाकर्ताओं को ठगी से बचाना है पोर्टल बनाने का उद्देश्य
- पोर्टल पर जिला के नामित सक्षम प्राधिकार सह अपर समाहर्ता, NBFC सूची-मोबाइल नंबर भी उपलब्ध
राज्य ब्यूरो, पटना। फर्जी रूप से संचालित गैर-बैंकिंग वित्तीय (एनबीएफसी) और चिटफंड कंपनियों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई स्तरों पर प्रयास चल रहा है। इस क्रम में वित्त विभाग ने एक पोर्टल (nbfc.bihar.gov.in) बनाया है। इस पोर्टल का उद्देश्य फर्जी कंपनियों के क्रियाकलापों पर रोकथाम है।
इस पोर्टल पर जिलों के नामित सक्षम प्राधिकार सह अपर समाहर्ता, एनबीएफसी की सूची, उनका मोबाइल नंबर और ई-मेल एड्रेस भी उपलब्ध है। अवैध रूप से जमा ले रही कंपनियों के बारे में कोई भी व्यक्ति इन फोन नंबरों व ई-मेल एड्रेस पर शिकायत कर सकता है।
समय पर पैसा न मिलने पर कर सकेंगे शिकायत
अवधि पूरी होने के बाद भी जमा राशि नहीं लौटाने की शिकायत की जा सकती है। इस पोर्टल पर जिलों में काम करने वाले वैध कंपनियों की सूची भी दी गई है, ताकि अपने धन की सुरक्षा के लिए निवेशक सही कंपनी में निवेश कर सकें।
एनबीएफसी व निधि कंपनियां सर्वाधिक मुजफ्फरपुर में : पोर्टल पर हर जिले में संचालित वैध एनबीएफसी और निधि कंपनियों की सूची दी गई है। यह सूची उन कंपनियों की है, जो वैध रूप से काम कर रही हैं।
पूरे राज्य के 38 जिलों में सबसे अधिक 115 कंपनियां मुजफ्फरपुर में हैं। पूर्वी चंपारण में 114, समस्तीपुर में 98, पटना में 91 और मधुबनी में इनकी संख्या 90 है।
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