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मछली पालन से बदलेगी बिहार की तस्वीर, सिवान-सारण समेत 8 जिलों में बनेंगे स्पेशल क्लस्टर

Published: Thu, 13 Aug 2026 07:49 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने "विजन 2030-बिहार मत्स्य प्राथमिकता परियोजना" की समीक्षा की, जिसके तहत सिवान, सारण, मुंगेर, मधुबनी समेत कई जिलों में विशेष मत्स्य क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

मछली पालन से बदलेगी बिहार की तस्वीर, सिवान-सारण समेत 8 जिलों में बनेंगे स्पेशल क्लस्टर (AI Generated Image)

मछली पालन से बदलेगी बिहार की तस्वीर, सिवान-सारण समेत 8 जिलों में बनेंगे स्पेशल क्लस्टर (AI Generated Image)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने "विजन 2030-बिहार मत्स्य परियोजना" की समीक्षा की।

  2. सिवान, सारण, मुंगेर, मधुबनी सहित कई जिलों में बनेंगे विशेष क्लस्टर।

  3. मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर रोजगार सृजन और ब्लू इकॉनमी को मिलेगा बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित "संकल्प" सभागार में "विजन 2030-बिहार मत्स्य प्राथमिकता परियोजना" की समीक्षा की।

इसके तहत सिवान में आर्द्रभूमि क्लस्टर के समग्र विकास, सारण स्कैंपी क्लस्टर में मीठे पानी के बड़े झींगे के उत्पादन, मुंगेर केज क्लस्टर में केज कल्चर, मिथिला आर्द्रभूमि क्लस्टर के अंतर्गत विशेषकर मधुबनी क्षेत्र में आर्द्रभूमि आधारित मत्स्य पालन, मोतिहारी, खगड़िया, भागलपुर एवं आरा में विशेष मत्स्य समग्र क्लस्टर विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बिहार को देश के अग्रणी अंतर्देशीय मत्स्य पालन राज्यों में शामिल करने, मत्स्य उत्पादन में चरणबद्ध वृद्धि, रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाने तथा ब्लू इकॉनमी को गति देने पर बल दिया गया।

डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि "विजन 2030" के तहत सतत विकास एवं मूल्यवर्द्धन के माध्यम से बिहार के मत्स्य क्षेत्र को नई दिशा देने का रोडमैप तैयार किया गया है।

इसके अंतर्गत आठ प्राथमिकता परियोजनाओं के माध्यम से 1,848.75 हेक्टेयर के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप क्षेत्र तथा 9,357 हेक्टेयर के परियोजना प्रभाव क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 52,000 टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने का प्रस्ताव है। इससे मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्यवर्द्धन, विपणन और रोजगार सृजन की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप विभिन्न जिलों में विशेष मत्स्य क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालन के समग्र विकास की कार्ययोजना पर तेजी से काम करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में मत्स्य उत्पादन को चरणबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा दें, ताकि मत्स्य उत्पादन के साथ मत्स्यजीवी परिवारों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मत्स्य क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, मूल्यवर्द्धन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना आवश्यक है।
बैठक में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।