यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Flood News: मधेपुरा-खगड़िया में कोसी उफनाई, पश्चिम चंपारण में आधा दर्जन घर गंडक में समाए; मची अफरा-तफरी
बिहार में बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मधेपुरा और खगड़िया में कोसी उफना गई है।उसके जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ पश्चिम चंपारण में भी ...और पढ़ें

HighLights
- पश्चिम चंपारण के जरलपुर खुटवनिया पंचायत के 100 घरों में घुसा पानी
- कटिहार में महानंदा का जलस्तर लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर
- जरलपुर खुटवनिया पंचायत के 100 घरों में घुसा पानी, मची हलचल
जागरण टीम, पटना। Bihar Flood News राज्य में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। खगड़िया व मधेपुरा में कोसी उफना रही है। उसके जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम चंपारण में गंडक सहित अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। गंडक बराज से दो लाख 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
जलस्तर बढ़ने से सिसवा मंगलपुर पंचायत के आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ और कटाव का खतरा है। गांवों में पानी घुसने लगा है। जरलपुर खुटवनिया पंचायत के 100 घरों में पानी घुस गया है।
मंगलपुर और सिसवां गांव के समीप गंडक के कटाव से आधा दर्जन घर नदी में समा गए। मुंगेर में गंगा के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। सुपौल में कोसी नदी के जलस्तर में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। कोसी बराज पर 1,83,995 क्यूसेक (घनफुट प्रति सेकेंड) जलस्राव दर्ज किया गया।
रेलवे लाइन से टकराकर गांव के कुछ भागों में फैल गया पानी
वीरपुर के मुख्य अभियंता ई. वरुण कुमार ने बताया कि पांचों बिंदुओं पर नदी का दबाव बना हुआ है। ट्रिपल एफ के अध्यक्ष ई. एमपी ठाकुर और वे इसकी निगरानी कर रहे हैं। दोनों प्रभागों के सभी बांध व स्पर सुरक्षित हैं। सहरसा के नवहट्टा प्रखंड की हाटी पंचायत के मुरलीपुर गांव के समीप कटाव शुरू हो गया है।
बिरजायन-भेलाही पथ कट गया। मधेपुरा में कोसी का पानी चौसा प्रखंड के फुलौत पूर्वी व पश्चिमी पंचायत में पहुंच गया है। यहां के कई गांव पानी से घिर गए हैं। अररिया की नदियों के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव जारी है। सिंघिया के निकट बनी नई धारा का पानी रेलवे लाइन से टकराकर गांव के कुछ भागों में फैल गया है।
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इससे सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और कुछ कच्चे घर भी गिरे हैं। फारबिसगंज के भी कई गांव जलमग्न हैं। परमान नदी के जलस्तर में वृद्धि से फारबिसगंज-खवासपुर पथ पर 400 मीटर तक डेढ़ फीट पानी बह रहा है। नरपतगंज प्रखंड की भी कुछ सड़कें जलमग्न हैं। खगड़िया में कोसी-बागमती रफ्तार में है।
दियारा इलाके में बाढ़ का पानी फैल रहा
चौथम के दियारा इलाके में बाढ़ का पानी फैल रहा है। मानसी प्रखंड का हियादपुर गांव बागमती के पानी से घिर चुका है। कटिहार में महानंदा का जलस्तर गुरुवार को लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर रहा। मधुबनी के झंझारपुर में कमला बलान नदी लगातार तीसरे दिन खतरे के निशान से 1.55 मीटर ऊपर बह रही है।
हरलाखी में जमुनी सह बेलन्योती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मधवापुर में अधवारा समूह की सभी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों को खतरा है। सीतामढ़ी में बागमती सहित सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इससे जिले के निचले क्षेत्र में पानी से घिरे 21 गांवों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अधिकतर लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ले लिया है। प्रशासनिक स्तर पर सारण तटबंध से लेकर राजस्व छरकियों तक की निगरानी बढ़ा दी गई है।