भारी बारिश के बाद बिहार में कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, सोन बराज के 69 गेट खुले
बिहार में बीते 24 घंटों की मूसलाधार बारिश से कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

सोन बराज। (जागरण)
HighLights
बिहार में भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा।
सोन बराज के 69 गेट पानी निकासी के लिए खोले गए।
निचले इलाकों में बाढ़ का पानी, प्रशासन अलर्ट पर।
एजेंसी, पटना। बिहार में बीते 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित सोन बराज से जल निकासी को सुचारू करने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उसके सभी 69 फाटकों को खोल दिया गया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं नदियां
जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
गोपालगंज के डुमरिया घाट और सिधवलिया समेत आसपास के इलाकों में गंडक नदी लाल निशान के पार है। वहीं, खगड़िया के बलतारा और कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है।
गंगा, बूढ़ी गंडक और पुनपुन कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में चेतावनी स्तर तक पहुंच गई हैं।
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार के 25 से अधिक जिलों (जैसे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, रोहतास, बेगूसराय, वैशाली आदि) में हो रही लगातार बारिश के कारण स्थिति अधिक गंभीर हुई है।
बैराजों से छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी
नदियों में पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रमुख बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है:
- सोन बैराज (इंद्रपुरी): शाम 6 बजे तक 5.59 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
- कोसी बैराज (वीरपुर): 2.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- गंडक बैराज (वाल्मीकिनगर): 1.77 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज हुआ।
निचले इलाकों में घुसा पानी
बारिश और नदियों के उफान का असर जनजीवन पर दिखने लगा है। पटना में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के किनारे लगी कई दुकानें और ठेले पानी में डूब गए हैं। वहीं, औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड में बेला पुनपुन नदी के उफान पर आने से कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
प्रशासन की तैयारियां और सतर्कता
जल संसाधन विभाग के अनुसार, अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रभावित और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और माइक के माध्यम से समय-समय पर अलर्ट जारी किया जा रहा है। अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और आवश्यक राहत सामग्री का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ।)
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