यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar के लिए 'संकटमोचक' बने चौधरी और सिन्हा, इस एक कदम ने बागी विधायकों के उड़ा दिए होश
विजय सिन्हा और विजय कुमार चौधरी नीतीश कुमार के लिए संकटमोटक साबित हुए। सूत्रों ने बताया कि प्रहलाद यादव और नीलम देवी को सत्तारूढ़ दल में लाने में विजय ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी सोमवार को राज्य सरकार के लिए संकटमोचक की भूमिका में नजर आए। ऐसे तो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी और राजग के घटक दलों के सभी प्रभावशाली नेता विधायक प्रबंधन में जुटे थे, लेकिन राजद के तीन विधायकों की आमद ने सरकार के लिए संजीवनी का काम किया।
इन विधायकों- चेतन आनंद, नीलम सिंह और प्रहलाद यादव के आते ही राजग के बागी विधायकों के होश उड़ गए। उन्होंने सरकार के विरोध का इरादा छोड़ दिया।
विजय सिन्हा ने निभाई अहम भूमिका
सूत्रों ने बताया कि प्रहलाद यादव और नीलम देवी को सत्तारूढ़ दल में लाने में विजय सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका है। नीलम देवी ने जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से भी संपर्क किया था। वह उन्हीं के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गई थी। जबकि प्रहलाद यादव को विजय सिन्हा मुख्यमंत्री के पास लेकर गए।
चेतन आनंद को चाहिए सरकार की मदद
शिवहर के राजद विधायक चेतन आनंद पहले से जदयू के करीब रहे हैं। उनकी मां और पूर्व सांसद लवली आनंद ने जदयू नेतृत्व को मदद का आश्वासन दिया था। इस समय चेतन आनंद को अपने पिता आनंद मोहन की रिहाई के मामले में भी सरकार की मदद चाहिए।
सूर्यगढ़ा के राजद विधायक प्रहलाद यादव बालू के कारोबार से जुड़े कई मामलों में कानूनी तौर पर फंसे हुए हैं। जबकि मोकामा की विधायक नीलम देवी के पति अनंत सिंह सजायाफ्ता हैं और जेल में बंद हैं।
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