विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'बिहार में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं'; हाई लेवल मीटिंग में बोले मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत

Published: Mon, 16 Mar 2026 08:19 PM (IST)

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि राज्य में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है ...और पढ़ें

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (फाइल फोटो)

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। किसी तरह की कमी नहीं है। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने यह जानकारी दी है। वे सोमवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद बोल रहे थे।

बैठक में सभी प्रमुख तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधि, सभी डीएम, एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से जुड़े।

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव और डीजीपी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गैस और ईंधन का पर्याप्त है, इसलिए लोगों को घबराने या अतिरिक्त भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक (बिहार-झारखंड) अनूप कुमार समान्तराय ने भी भरोसा दिलाया कि बिहार में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में गैस की कुल आपूर्ति का करीब 98.5 प्रतिशत हिस्सा घरेलू सिलिंडरों का है। जिसकी आपूर्ति लगातार जारी है।

फिलहाल एहतियात के तौर पर कमर्शियल गैस की आपूर्ति कुछ हद तक सीमित की गई है। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और गलत इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

इंटरनेट मीडिया पर सही जानकारी होगी जारी

अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों के आधिकारिक इंटरनेट मीडिया पेजों पर सही जानकारी नियमित रूप से जारी की जाएगी। इसके अलावा हर दिन दोपहर तीन बजे जिला संपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) और एडीएम सप्लाई प्रेस काफ्रेंस कर स्थिति की जानकारी देंगे।

डीएम-एसपी को सौंपे गए टास्क

  • गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली की नियमित जांच
  • अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।
  • आम उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी जिलों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं।