यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Jobs: नीतीश कुमार ने फिर खोला नौकरियों का पिटारा, अब इस विभाग में 4135 पदों पर होगी भर्ती
बिहार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले नियुक्तियों का पिटारा खोल दिया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) मंत्री नीरज सिंह ने शुक्रवार को प्रेस ...और पढ़ें

HighLights
- पीएचईडी में विभिन्न श्रेणी के 4135 पदों पर होगी नियुक्ति, मंत्री ने की घोषणा
- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) मंत्री ने प्रेसवार्ता में गिनाई विभाग की उपलब्धियां
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले सरकार ने नियुक्तियों का पिटारा खोलने की पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) मंत्री नीरज सिंह ने प्रेसवार्ता कर विभिन्न श्रेणी के 4135 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सहायक अभियंता के 118 पदों पर नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC Bharti) से होगी, जबकि बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 2078 पदों पर नियुक्तियां होगी। इसमें शोध सहायक, प्रयोगशाला सहायक, निम्नवर्गीय लिपिक, परिचारी, की-मैन सह चौकीदार एवं खलासी के पद सम्मिलित है।
तकनीकी सेवा आयोग भी करेगा भर्ती
इसके अतिरिक्त, तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से कार्य निरीक्षक के 1114 एवं वाहन चालक मुख्यालय के चार पद पर भी नियुक्ति की जाएगी। साथ ही कार्य निरीक्षक के 493 पद पर पंप ऑपरेटर के 328 अंचलस्तरीय पंप आपरेटरों के पद पर नियुक्तियां होगी। इस मौके पर मंंत्री में तीन पोस्टर का भी विमोचन किया। साथ ही जलापूर्ति सेवा में किसी तरह की बाधा की स्थिति में टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने के लिए मंत्री एवं विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार 155367 नंबर पर कॉल कर शिकायत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ’हर घर नल का जल’ योजनाओं से संबंधित पम्प चालक/अनुरक्षक के मानदेय एवं विद्युत विपत्र के भुगतान की प्रक्रिया लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है।
विभाग द्वारा पेयजलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव के संबंध में निर्गत अनुदेश के अनुसार ‘‘हर घर नल का जल‘‘ के तहत ग्रामीणों को सुबह में तीन घंटा, दोपहर में एक घंटा एवं शाम में दो घंटा जलापूर्ति उपलब्ध कराई जाती है। प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि लोड शेडिंग के कारण जिन स्थानों पर विद्युत की अनुपलब्धता के कारण निर्धारित समय में जलापूर्ति नहीं हो पाती है, वहां विद्युत विभाग से व्यक्तिगत सम्पर्क कर जलापूर्ति अवधि में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य मानकों में सुधार एवं सामाजिक परिवर्तन
मंत्री ने दावा किया है कि पाईप जलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन के पश्चात ग्रामीणों को शुद्ध पेयजलापूर्ति उपलब्ध होने का सकारात्मक प्रभाव स्वास्थ्य मानकों पर देखा जा रहा है। बिहार इकोनामिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2024 में डायरिया के गंभीर मामलों में लगभग 15 गुणा कमी आई है। साथ ही शिशु मृत्यु दर में कमी आई है तथा वायरल हेपेटाईटिस के मामलों में व्यापक सुधार हुआ है।
‘हर घर नल का जल‘ निष्चय के क्रियान्वयन से ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लगभग 40 प्रतिशत पंप चालक महिलाएं हैं। जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।
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