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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Jamin Survey: बेटियों को पिता की खरीदी हुई जमीन में कैसे हिस्सा मिलेगा? पढ़ लीजिए नियम

    Updated: Thu, 12 Dec 2024 03:00 PM (IST)

    बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण में बहन-बेटियों का नाम वंशावली में दर्ज होगा लेकिन उन्हें पिता की स्वअर्जित संपत्ति में अधिकार नहीं मिलेगा। पिता द्वारा ...और पढ़ें

    पिता की खरीदी जमीन में बेटी की मर्जी नहीं चलेगी (जागरण)
    पिता की खरीदी जमीन में बेटी की मर्जी नहीं चलेगी (जागरण)

    HighLights

    1. बिहार में जमीन सर्वे में बेटियों के हिस्सा को लेकर दिशानिर्देश जारी
    2. पिता की खरीदी जमीन पर चलेगी खुद पिता की ही चलेगी मर्जी

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Survey: विशेष भूमि सर्वेक्षण में बहन-बेटियों का नाम तो वंशावली में दर्ज होगा, लेकिन उन्हें पिता की स्वअर्जित संपत्ति में कोई अधिकार नहीं मिलेगा। इस तरह की संपत्ति के मामले में पिता वसीयत लिखेगा। वसीयत में अगर बेटी का नाम है तो उसे संपत्ति में हिस्सा मिलेगा।

    अगर नहीं है तो बेटियां उस संपत्ति पर अपना दावा नहीं कर सकती हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से हाल में जारी दिशा निर्देश में संपत्ति, खासकर जमीन में बहन-बेटियों के हिस्से के बारे में स्पष्ट कर दिया गया है। वंशावली में भी बेटियों का नाम देने न देने के बारे जानकारी दी गई है।

    वसीयत में पिता अगर बेटी का नाम नहीं देते तो नहीं मिलेगी जमीन

    महिला अगर शपथ पत्र के जरिए संपत्ति का परित्याग करती हैं तब भी वंशावली में उनका नाम दर्ज नहीं होगा। लेकिन, खतियान में नाम दर्ज नहीं होगा। अगर जमीन पिता की है और वे अपनी वसीयत में सिर्फ पुत्रों को उसमें हिस्सा देते हैं, बेटियों का नाम नहीं है तो उस जमीन में बेटियों की हिस्सेदारी नहीं होगी। इस किस्म की जमीन के खतियान में सिर्फ पुत्रों का नाम होगा।

     तीन दिशानिर्देशों में बेटियों के हिस्से को लेकर दी गई जानकारी

    दिशा निर्देश में तीन ऐसे प्रविधान किए गए हैं, जिनमें बेटियों का जमीन में हिस्सा नहीं होगा। एक-अगर बेटियां लिखित रूप में पिता की संपत्ति में हिस्सा लेने से इंकार करती हैं। दो-पिता स्वअर्जित संपत्ति के उत्तराधिकारी तय करने के लिए किए गए वसीयत में सिर्फ बेटों का नाम देते हैं।

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    तीन-सक्षम न्यायालय से किए गए जमीन के बंटवारे में बेटी का नाम नहीं है। इनके अलावा अन्य सभी स्थितियों में बेटियों को अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा लेने का अधिकार है।

    बहन के हिस्से को लेकर हो रहा पारिवारिक विवाद

    बहन द्वारा हिस्सा मांगने के चलते पारिवारिक विवाद भी सामने आ रहा है। भाई-बहन के रिश्ते भी खराब हो रहे हैं। कई जगह से मारपीट और अनबन की खबर भी सामने आ रही है। जिससे पिता के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पिता को काफी सोच समझकर फैसला लेना पड़ रहा है। हालांकि, पुश्तैनी जमीन के लिए भी बहनों को कोर्ट तक का सहारा लेना पड़ रहा है।

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