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जमीन की मापी के लिए करना है आवेदन? 25 अक्टूबर तक का इंतजार नहीं, जान लें नया नियम

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:21 PM (IST)

बिहार में जमीन मापी के 70 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें पटना में सर्वाधिक हैं। राजस्व विभाग ने ...और पढ़ें

बिहार में अब बिना आवेदन और शुल्क के होगी जमीन की मापी (AI Generated Image)

बिहार में अब बिना आवेदन और शुल्क के होगी जमीन की मापी (AI Generated Image)

HighLights

  1. बिहार में जमीन मापी के 70 हजार से अधिक मामले लंबित।

  2. पटना में सर्वाधिक 9195 मामले लंबित, विभाग ने दिए निर्देश।

  3. एक महीने में 50 हजार लंबित आवेदनों के निबटारे का लक्ष्य।

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सख्ती और लगातार अभियान के बावजूद जमीन मापी के लंबित मामलों का आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंच गया है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि सबसे अधिक लंबित आवेदन पटना जिले में हैं। यहां 9195 मामले लंबित हैं। इसके बाद पूर्णिया में 3700, भागलपुर में 3657 और रोहतास में 3260 मामले लंबित हैं।

सचिव ने डीएम को लिखा पत्र

लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मापी की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा है कि लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निबटारा किया जाए। मापी कार्य की नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है।

एक अमीन को महीने में 20 मामले निबटाने का लक्ष्य

सचिव ने निर्देश दिया है कि एक अमीन महीने में कम से कम 20 आवेदनों का निबटारा करे। इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित स्तर पर प्रगति की समीक्षा करनी होगी।

विभाग ने लंबित मामलों को जल्द कम करने के लिए नियमित अमीनों के साथ विशेष सर्वेक्षण अमीनों की भी मदद लेने का फैसला किया है।

1200 विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती

राज्य में फिलहाल नियमित अमीनों की संख्या करीब 1182 है। इसके अलावा करीब 1200 विशेष सर्वेक्षण अमीनों को भी सभी जिलों में मापी कार्य के लिए लगाया गया है।

विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती 30 दिनों के लिए की गई है। विभाग का लक्ष्य इसी अवधि में बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों का निबटारा करना है।

एक महीने में 50 हजार मामलों के निबटारे का लक्ष्य

विभाग ने करीब 50 हजार लंबित आवेदनों के निबटारे का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिलों में उपलब्ध अमीनों की क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल करने को कहा गया है।

जिन जिलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त मानव संसाधन के जरिए मापी कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है।

पटना के बाद इन जिलों में भी ज्यादा मामले

लंबित मामलों की संख्या भागलपुर में 3657, पूर्णिया में 3700, रोहतास में 3260, सुपौल में 3238, वैशाली में 3080, भोजपुर में 2760 और गया में 2550 है।

मुजफ्फरपुर में 2483, बांका में 2144, मुंगेर में 2123, समस्तीपुर में 2057 और पूर्वी चंपारण में 2055 मामले लंबित हैं। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी दो हजार के आसपास आवेदन लंबित हैं।

आवेदन के तीन दिन में अमीन की नियुक्ति

विभाग के निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन करने के तीन दिनों के भीतर अंचल स्तर से अमीन की नियुक्ति की जानी है। इसके बाद संबंधित सभी पक्षों को तत्काल नोटिस भेजना होगा। सामान्य जमीन के मामले में मापी की प्रक्रिया अधिकतम 11 दिनों के भीतर पूरी करने का प्रावधान है।

विवादित जमीन की मापी 14 दिन में

विवादित जमीन के मामलों में भी मापी की प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। ऐसे मामलों में अधिकतम 14 दिनों के भीतर आवेदन का निबटारा करना होगा।

मापी से जुड़े सभी मामलों की जानकारी अमीन को विभागीय आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके।