यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Land Registry Rules: रजिस्ट्री में दी गलत जानकारी तो फंसेंगे कानूनी शिकंजे में, अच्छे से जान लें नए नियम
अब अगर आपने रजिस्ट्री में गलत जानकारी दी तो कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं। सहायक निबंधन महानिरीक्षक के इस निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी शीर्षत कपिल ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पटना। दस्तावेजों के निबंधन में गलत साक्ष्य, पहचान पत्र या भूमि की गलत प्रकृति बताया जाना अब पक्षकारों को महंगा पड़ सकता है। किसी तरह की गड़बड़ी उजागर होने पर दोषी कानूनी शिकंजे में फंसेंगे। उनपर एफआइआर की जाएगी।
सहायक निबंधन महानिरीक्षक के इस निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने सभी एसडीओ, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं व लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों को निबंधन अधिनियम 1908 की धारा 82 एवं भारतीय मुद्रांक अधिनियम की धारा 27 का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
पक्षकारों पर होगी प्राथमिकी
जिलाधिकारी ने कहा है कि दस्तावेजों में गलत साक्ष्य विवरणी, कागजात तथा गलत पहचान-पत्र, भूमि पर अवस्थित संरचना को छुपाकर एवं भूमि को गलत प्रकृति अंकित कर दस्तावेज का निबंधन कराने की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए पक्षकारों पर प्रविधानों के तहत एफआइआर की जाएगी।
उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि प्रविधान के उल्लंघन का मामला प्रकाश में आता है या परिवाद पत्र प्राप्त होता है तो उसकी गहनता से जांच करें। दोषी पदाधिकारी-कर्मी को चिह्नित कर रिपोर्ट दें, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।
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सहायक निबंधन महानिरीक्षक ने अपने पत्र में कहा है कि कई बार पूरे मकान को परती या कृषि भूमि दिखाकर निबंधन कराया जाता है। इसपर रोक के लिए कार्रवाई जरूरी है।
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