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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर बिहार में चलेगा व्यापक अभियान, पैक्सों में लगेंगी किसान गोष्ठियां

Published: Sun, 18 Oct 2026 07:00 AM (IST)

बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. पंचायत स्तर पर किसान गोष्ठी का आयोजन होगा।

  2. फसल क्षति पर किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।

  3. आधुनिक तकनीक से दावा निपटान सुनिश्चित होगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

इसके लिए पंचायत स्तर पर किसान गोष्ठी का आयोजन होगा। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने और किसानों को जागरूक करने को लेकर सभी जिलाें एवं प्रखंडों के सहकारिता पदाधिकारियों को निर्देश दिया है।

इसके मुताबिक योजना के सफल और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम को सभी पैक्सों में जागरूकता अभियान में भाग लेने का निर्देश दिया गया है।

सहकारिता विभाग ने हाल में योजना को लेकर अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया है। इस दौरान योजना के प्रविधानों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के साथ-साथ इसके सफल कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी है।

इसके आलोक में रबी 2026-27 के मौसम के संदर्भ में सभी हितधारकों से अपेक्षित कार्यों, उनके दायित्वों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है।

किसानों को करेंगे प्रोत्साहित

मंत्री राम कृपाल यादव के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य फसल की क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना, किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना, खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस योजना में किसानों द्वारा खरीफ फसल के लिए बीमित राशि का दो प्रतिशत, रबी फसल के लिए बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक/बागवानी फसल के लिए बीमित राशि का पांच प्रतिशत प्रीमियम देय है।

शेष प्रीमियम की राशि आधी-आधी केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का प्रविधान है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से राज्य में योजना को लागू करने की स्वीकृति दी गई है।

योजना के तहत किसानों को कृषि लागत के समतुल्य क्षतिपूर्ति राशि का प्रविधान है। किसानों को कम प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करेंगी।

आधुनिक तकनीक, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी से फसल क्षति का सटीक आकलन और तेज, पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित होगा।

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