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अवधेश नारायण सिंह छोड़ सकते हैं बिहार विधान परिषद के सभापति की कुर्सी, JDU के इस नेता का नाम सबसे आगे

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:35 PM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 10:06 PM (IST)

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के पद छोड़ने की चर्चा से राज्य की राजनीति में हलचल तेज ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी और अवधेश नारायण सिंह

सम्राट चौधरी और अवधेश नारायण सिंह

HighLights

  1. बिहार विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह पद छोड़ सकते हैं।

  2. जदयू नेता रामवचन राय अगले सभापति के प्रबल दावेदार।

  3. एनडीए गठबंधन में सत्ता संतुलन का नया समीकरण बनेगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता के समीकरण को लेकर हलचल तेज है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के पद छोड़ने की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। अगर वह अपने पद से इस्तीफा देते हैं, तो विधान परिषद को नया सभापति मिल सकता है।

सभापति पद को लेकर बढ़ी सियासी चर्चा

अवधेश नारायण सिंह फिलहाल बिहार विधान परिषद के सभापति हैं और बीजेपी कोटे से इस पद पर हैं। अब उनके संभावित इस्तीफे की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला सभापति कौन होगा। इसी को लेकर NDA के भीतर नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।

JDU के इस नेता का नाम सबसे आगे

संभावित नए सभापति के तौर पर JDU नेता रामवचन राय का नाम चर्चा में है। रामवचन राय फिलहाल बिहार विधान परिषद के उपसभापति हैं। ऐसे में सभापति का पद खाली होने की स्थिति में उनकी दावेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

NDA में सत्ता संतुलन पर नजर

इस पूरे घटनाक्रम को बिहार NDA के भीतर सत्ता संतुलन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राज्य में बीजेपी और JDU के बीच सत्ता के महत्वपूर्ण पदों को लेकर संतुलन बनाए रखने की चर्चा लगातार होती रही है।

विधान परिषद सभापति का पद JDU को मिलने की स्थिति में गठबंधन के भीतर पदों के बंटवारे का एक नया समीकरण बन सकता है।

बीजेपी कोटे से है मौजूदा सभापति का पद

अवधेश नारायण सिंह बीजेपी से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में विधान परिषद की अध्यक्षता कर रहे हैं। अब उनके संभावित इस्तीफे को लेकर चर्चाएं सामने आने के बाद राजनीतिक नजरें अगले कदम पर टिकी हैं।

हालांकि, जब तक औपचारिक इस्तीफा और उसके बाद की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इसे संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

रामवचन राय के नाम की चर्चा क्यों?

रामवचन राय का विधान परिषद में लंबा अनुभव है और वह फिलहाल उपसभापति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यही वजह है कि सभापति पद के संभावित दावेदारों में उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिषद की कमान किसके हाथ में जाती है।

औपचारिक एलान का इंतजार

फिलहाल बिहार विधान परिषद के सभापति पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे को लेकर अंतिम आधिकारिक स्थिति सामने आने और नए सभापति के चयन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में इस घटनाक्रम पर सबकी नजर रहेगी।