बिहार विधानसभा मानसून सत्र शुरू: RJD का जोरदार प्रदर्शन; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET मुद्दे पर हंगामा
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार को हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू हुआ, जहां विपक्ष ने NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ...और पढ़ें
HighLights
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू।
विपक्ष ने NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
सरकार अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने को तैयार।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव के संकेत मिल गए।
एक ओर सरकार अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन पहुंचा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक विधानसभा पहुंचे। यह सत्र इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके दौरान सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं।
सरकार इन 100 दिनों की उपलब्धियों को भी सदन में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष इस दौरान हमलावर रहने का प्रयास करेगा।
राजद का जोरदार प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जोरदार प्रदर्शन किया।
राजद के विधायक और विधान पार्षद हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल और छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को गंभीर मुद्दा बताया।
विपक्षी सदस्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए।

(विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन करते विपक्षी विधायक।)
राजद नेताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि एजेंसी छात्रों का भरोसा कायम रखने में विफल रही है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
प्रदर्शन के दौरान सदस्यों ने "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "एनटीए भंग करो" जैसे नारे लगाए। राजद का कहना था कि देशभर के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और आत्महत्या की घटनाओं को भी विपक्ष ने चिंता का विषय बताया। प्रदर्शन के बाद राजद के सदस्य सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए विधानसभा के भीतर पहुंचे। मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सदन के भीतर भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

तेजस्वी यादव की मौजूदगी पर संशय
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सत्र में शामिल होने को लेकर खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
हालांकि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वाम दलों के विधायक पूरी तैयारी के साथ सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानमंडल सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और निगरानी की व्यवस्था की गई है। सरकार और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट है।