बिहार से दिल्ली-पंजाब तक दौड़ेंगी 149 नई डीलक्स बसें, 78 पटना पहुंचीं; किन रूटों पर चलेंगी?
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम अपनी अंतर्राज्यीय सेवाओं को मजबूत कर रहा है, जिसके तहत 149 नई एसी और नॉन-एसी डीलक्स बसें पटना पहुंच रही हैं। ये बसें दिल्ली, पंजाब, यूपी सहित कई राज्यों के लिए चलेंगी।

पटना पहुंचीं 78 डिलक्स बसें। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
149 नई डीलक्स बसें बिहार में सेवा देंगी।
दिल्ली, पंजाब, यूपी जैसे राज्यों के लिए परिचालन।
त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगी सुविधा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की अंतर्राज्यीय सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रगति हुई है।
बिहार से विभिन्न राज्यों के बीच परिचालन के लिए नई एसी एवं नाॅन-एसी डीलक्स बसें पटना पहुंचने लगी हैं। कुल 149 बसों में से 78 डीलक्स बसें फुलवारीशरीफ डिपो में पहुंच चुकी हैं।
शेष बसें इस माह के अंत तक आ जाने की उम्मीद है। इन आधुनिक बसों का संचालन मुख्य रूप से आगामी त्योहारी सीजन में शुरू होगा।
बिहार से यूपी, दिल्ली, झारखंड के रूटों पर होगा परिचालन
हालांकि कुछ बसें वर्तमान में पटना-देवघर (श्रावणी मेला) रूट पर सेवा देने लगाई गई हैं। निगम के मुताबिक, यह बसें बिहार से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच चलाई जाएंगी।
इससे बिहारी कामगारों, छात्रों, व्यापारियों और परिवारों को किफायती दर पर आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले मजदूरों और विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी।
बीते दिनों हरियाणा और बिहार के बीच सीधे बस संचालन के लिए सहमती बनी है, जबकि अन्य राज्यों से बातचीत का दौर जारी है।
लंबी दूरी की यात्रा थकान रहित और सुरक्षित करने के उद्देश्य से इनमें आधुनिक सुविधाएं जैसे आरामदायक सीटें, बेहतर सस्पेंशन, एसी व्यवस्था (एसी बसों में) और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है।
पीएम ई पिंक बसें भी पहुंचने लगीं पटना
निजी बसों पर निर्भरता घटने से यात्रियों को किफायती विकल्प उपलब्ध होगा। इसी क्रम में निगम ने बताया कि पीएम ई-पिंक बसें भी पटना पहुंचनी शुरू हो गई हैं।
अब तक पांच इलेक्ट्रिक पिंक बसें राजधानी आ चुकी हैं। ये बसें पुणे से चरणबद्ध तरीके से भेजी जा रही हैं। इनके आगमन से शहरों से अंतर-जिला और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को विस्तार मिलेगा। नई बसों के परिचालन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

