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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak: केके पाठक पर पटना हाईकोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना, ये है पूरा मामला

    By Edited By: Prateek Jain
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 02:22 AM (GMT+05:30)

    Fine Imposed On KK Pathak अदालती आदेश की अवमानना मामले में पटना हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाय ...और पढ़ें

    KK Pathak: केके पाठक पर पटना हाईकोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना। (फाइल फोटो)
    KK Pathak: केके पाठक पर पटना हाईकोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 2020 में पटना हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय से संबंधित है मामला
    2. शिक्षा विभाग द्वारा समय सीमा के भीतर अभयावेदन पर निर्णय नहीं लिया गया

    राज्य ब्यूरो, पटना: Patna High Court: अदालती आदेश की अवमानना मामले में पटना हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

    न्यायाधीश पीबी बजनथ्री की एवं न्यायाधीश अरुण कुमार झा की खंडपीठ ने संगीता कुमारी द्वारा दायर अवमानना वाद पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया।

    मामला पटना हाईकोर्ट द्वारा 09.09.20 को पारित निर्णय से संबंधित है, जिसके तहत याचिकाकर्ता संगीता कुमारी को शिक्षक नियोजन मामले में राज्य सरकार को अभयावेदन देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही संबंधित विभाग को दो माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया।

    संगीता कुमारी को नहीं मिला नियोजन का लाभ

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कुंदन कुमार ने बताया कि याचिकाकर्ता के समरूप उम्मीदवारों को शिक्षक नियोजन का लाभ मिला, लेकिन याचिकाकर्ता इससे वंचित रही।

    कोर्ट ने अभयावेदन देने के दो माह के भीतर फैसला देने का निर्देश दिया था, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा समय सीमा के भीतर निर्णय नहीं लिया गया।

    इस पर याचिकाकर्ता ने शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये से विवश होकर हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना वाद दायर किया था। कोर्ट ने उक्त आदेश के साथ ही अवमानना वाद की कार्रवाई समाप्त करते हुए मामले को निष्पादित कर दिया।

    इस मामलें में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कुंदन कुमार ने और अपर मुख्य शिक्षा सचिव की ओर से अधिवक्ता नरेश दीक्षित और राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील विकास कुमार ने कोर्ट के समक्ष पक्षों को रखा।

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