यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: पेपर लीक करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, गिरोह के सदस्य ने खोले कई राज
बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड के करीबी चंदन कुमार को मंगलवार की रात लखीसराय पुलिस की एसआइटी (विशेष जांच दल ...और पढ़ें

जागरण टीम,पटना। बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड के करीबी चंदन कुमार को मंगलवार की रात लखीसराय पुलिस की एसआइटी (विशेष जांच दल) ने गिरफ्तार कर लिया। उसने कई राज खोले हैं।
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा बीते एक अक्टूबर को यह परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दिन ही साल्वर गिरोह के 13 सदस्यों की गिरफ्तारी हुई थी। इधर, इस मामले में पटना की कंकड़बाग थाने की पुलिस ने बुधवार की देर शाम नालंदा जिले में छापेमारी कर सिपाही कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया।
उसने बीते एक अक्टूबर को दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने के पहले अपने संपर्क के पांच अभ्यर्थियों को आंसर-की वाट्सएप पर भेजा था। इनमें से एक अभ्यर्थी उसका बहनोई मन्नू था, जिसके वाट्सएप भी पर आंसर-की को भेजा गया था। मन्नू को कंकड़बाग पुलिस ने बीते उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।

कंकड़बाग के थानेदार रविशंकर ने बताया कि सिपाही के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। कमलेश कुमार वर्ष 2021 में सिपाही बना था। वर्ष 2022 में उसने प्रशिक्षण पूरा किया था। वह गया जिला का रहने वाला है और नालंदा में क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) में तैनात था।
अभी तक ईओयू को विभिन्न जिलों में दर्ज 74 प्राथमिकी की रिपोर्ट मिली है, जिनका अध्ययन किया जा रहा है। लखीसराय के एसपी पंकज कुमार ने बताया कि चंदन लखीसराय जिले का निवासी है। उसके पास से परीक्षा से जुड़े चार पन्नों के दस्तावेज,आंसर शीट व मोबाइल फोन के अंदर सैकड़ों अभ्यथियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक गिरोह के 15-16 सदस्यों के नाम भी उसने बताए हैं।
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चंदन ने बताया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली में रहता है और सरकारी नौकरी करता है। एसपी ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा में पकड़े गए चंदन कुमार एवं अन्य सेटरों के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में 16 लाख रुपये होल्ड करवाए गए हैं। ये रुपये आंसर शीट उपलब्ध कराने के एवज में वसूले गए थे।