Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    तेजस्‍वी यादव ने चौथे कृषि रोडमैप लॉन्‍च कार्यक्रम में थपथपाई अपनी सरकार की पीठ, कहा- नौकरी देने में बिहार अव्‍वल

    By Raman ShuklaEdited By: Prateek Jain
    Updated: Wed, 18 Oct 2023 09:52 PM (IST)

    Bihar Politics उप मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने बुधवार को चौथे कृषि रोड मैप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में चौमुखी विकास हो रहा ...और पढ़ें

    उप मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव बुधवार को चौथे कृषि रोड मैप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।
    उप मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव बुधवार को चौथे कृषि रोड मैप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।

    HighLights

    1. नौकरी देने के मामले में बिहार से दूसरे राज्य काफी पीछे : तेजस्वी यादव
    2. उप मुख्यमंत्री बोले- जाति आधारित गणना करने वाला बिहार देश का पहला राज्य

    राज्य ब्यूरो, पटना: उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार में चौमुखी विकास हो रहा है। बात चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का हो या विकास के दूसरे पैमान की।

    जीडीपी विकास के मामले में बिहार देश के तीन शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शुमार हो गया है। उप मुख्यमंत्री बुधवार को चौथे कृषि रोड मैप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ा है। कहा कि महागठबंधन सरकार जनता के लिए काम कर रही है। देश और राज्य की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। पढ़ाई, दवाई, सुनवाई और कार्रवाई करने वाली यह सरकार देश में सबसे अधिक सरकारी नौकरी दे रही है। देश के दूसरे राज्य इस मामले में काफी पीछे है।

    जाति आधारित गणना करने वाला बिहार देश का पहला राज्य

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। सरकार के पास जातियों का साइंटिफिक तरीके से एकत्रित किया गया डेटा है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार योजनाएं बनाएगी। इसका फायदा निश्चित रूप से राज्य के आमलोगों को मिलेगा।

    केंद्र सरकार जाति आधारित गणना से दूर भाग रही : राजीव रंजन

    जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अतिपिछड़ों को आरक्षण देने से बचने के लिए केंद्र सरकार जाति आधारित गणना नहीं करवा रही है। बिहार में इस गणना से यह साफ हो गया है कि अतिपिछड़ा समाज की संख्या देश में सर्वाधिक है।

    यदि राष्ट्रीय स्तर पर जाति आधारित गणना करायी जाए तो अतिपिछड़ा समाज देश की आधी आबादी से भी अधिक हो सकता है। इतनी बड़ी आबादी को महज कुछ प्रतिशत आरक्षण देना ऊंट के मुंह में जीरा समान है।

    यह भी पढ़ें - शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा के पीछे चलती रहीं 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ि‍यां, समर्थकों के सिर से पुलिस ने ऐसे उतारा जिद का भूत

    यह भी पढ़ें - Bihar Promotion: सात सौ से अधिक राजस्व कर्मचारियों के अधिकारी बनने का रास्ता साफ, जारी हुई लिस्‍ट

    खबरें और भी