यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: 'नीतीश किसी भी गठबंधन के लिए बोझ जैसे, खो चुके हैं जनाधार', सुशील मोदी ने कसा तंज
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश अपना जनाधार और वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता खो चुके हैं। वे किसी गठबंधन के लिए बोझ हैं। उन्होंने कहा कि G20 रात्रिभोज में त ...और पढ़ें

HighLights
- बोले- प्रधानमंत्री से नीतीश की भेंट में कोई चुनावी राजनीति नहीं
- जनाधार के साथ वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता खो चुके हैं नीतीश
राज्य ब्यूरो, पटना: राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के अवसर पर आयोजित राष्ट्रपति के रात्रिभोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सम्मिलित होने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी भेंट का चुनावी राजनीति से कोई वास्ता नहीं है।
अब भाजपा को नीतीश की कोई आवश्यकता नहीं है। 2022 में हुए तीन विधानसभा क्षेत्रों के उप चुनाव ने सिद्ध कर दिया कि नीतीश अपना जनाधार और वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता खो चुके हैं। वे किसी गठबंधन के लिए बोझ हैं।
उन्होंने कहा कि रात्रिभोज में तो मुख्यमंत्री के नाते ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और सुक्खू भी पहुंचे थे। नीतीश को लेकर बिहार में मनमाना राजनीतिक अर्थ निकाला जा रहा है, ताकि कांग्रेस और राजद पर दबाव बनाया जा सके। समय से पहले संसदीय चुनाव का शिगूफा भी इस हथकंडे का हिस्सा है।
भाजपा ने नीतीश के लिए दरवाजे बंद कर पलटीमार राजनीति की संभावना समाप्त कर दी है। जदयू के लोगों का यह प्रचार मजाक बन गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन बिहार के "क्लाइमेट लीडर" नीतीश को खोज रहे थे, इसलिए उन्हें उनसे मिलवाया गया। यह तो संघात्मक लोकतंत्र के प्रति प्रधानमंत्री आस्था और सदाशयता थी कि सभी मुख्यमंत्रियों को रात्रिभोज में बुलाया गया और उनमें से कुछ को राष्ट्रपति बाइडन से मिलवाया गया।