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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: KK Pathak के आदेश पर शिक्षा विभाग ने बंद किया इन कुलपतियों का वेतन, कॉलेजों का निरीक्षण न करने का आरोप

    By Arun AsheshEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Fri, 18 Aug 2023 12:43 AM (IST)

    बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश के बाद बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के कुलपति प्रो. शैलंद्र कुमार च ...और पढ़ें

    बीआरए बिहार विवि के वीसी और प्रोवीसी का वेतन बंद। (फाइल फोटो)
    बीआरए बिहार विवि के वीसी और प्रोवीसी का वेतन बंद। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. बीआरए बिहार विवि के वीसी और प्रोवीसी का वेतन बंद।
    2. शिक्षा विभाग ने जारी किया वेतन बंद करने का आदेश।
    3. राजभवन को भी दे दी गई सूचना।

    राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों बिहार की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के मिशन में जुटे हैं। शिक्षकों, छात्रों के बाद इस बार उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों पर एक्शन लिया है।

    केके पाठक ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति प्रो. शैलंद्र कुमार चतुर्वेदी और प्रति कुलपति प्रो. रवींद्र कमार का वेतन बंद करने का आदेश दिया था।

    इस संबंध में गुरुवार को शिक्षा विभाग ने इन कुलपतियों का वेतन बंद करने का आदेश जारी किया है। इसकी सूचना विभाग के द्वारा राजभवन को भी दे दी गई है।

    क्यों बंद किया गया वेतन

    विभाग के निर्देश के आलोक में कॉलेजों का निरीक्षण नहीं करने और लंबित परीक्षाओं का आयोजन करने में तत्परता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि  अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई पूर्व निर्धारित बैठक में नहीं आने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।

    बैठक में संबद्ध कॉलेजों के निरीक्षण का आदेश

    पाठक के पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार किसी कुलपति का वेतन बंद किया गया है। गुरुवार को मगध विश्वविद्यालय के कुलपति समेत तमाम पदाधिकारियों की बैठक हुई थी।

    बैठक में सभी पदाधिकारियों को केके पाठक ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय से संबंद्ध कॉलेजों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। लंबित परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर परीक्षाफल का प्रकाशन सुनिश्चित करें।