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    बिहार की ग्राम पंचायतों को मिलेगी नई ताकत; विज्ञापन शुल्क वसूलने और भवन निर्माण नियंत्रित करने का अधिकार

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 11:59 AM (IST)

    बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को विज्ञापन शुल्क वसूलने और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर नियंत्रण करने का अधिकार दिया है। इससे पंचायतों की आय ब ...और पढ़ें

    ग्रामीण क्षेत्र में भवन निर्माण पर रहेगी पंचायत की नजर। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    ग्रामीण क्षेत्र में भवन निर्माण पर रहेगी पंचायत की नजर। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    HighLights

    1. ग्राम पंचायतों को विज्ञापन शुल्क वसूलने का अधिकार।

    2. ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध भवन निर्माण पर लगेगी लगाम।

    3. पंचायतों को नक्शा स्वीकृत करने का भी अधिकार।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार और अतिरिक्त आय के स्रोत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को विधानसभा में बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक की प्रति वितरित की गई।

    इसमें पंचायतों को अपने क्षेत्र में लगाए जाने वाले विज्ञापनों पर शुल्क वसूलने का अधिकार देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भवनों एवं परियोजनाओं के निर्माण को नियंत्रित करने का प्रावधान किया गया है।

    प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अब ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए जाने वाले होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापनों पर शुल्क लगा सकेंगी।

    पंचायत के राजस्‍व में होगी वृद्ध‍ि 

    अभी बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 में विज्ञापन शुल्क का प्राविधान नहीं होने के कारण पंचायतें इससे कोई राजस्व नहीं जुटा पा रही थीं।

    सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों के स्वयं के संसाधनों (ओएसआर) में वृद्धि होगी। विधेयक में भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य मदों में भी शुल्क लगाने का अधिकार पंचायतों को देने का प्रस्ताव है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

    इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बन रहे अपार्टमेंट और अन्य भवनों के अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाने के लिए भी अहम प्राविधान किए गए हैं।

    नक्‍शा स्‍वीकृत करने का भी अधिकार 

    प्रस्ताव के अनुसार, पंचायतों को गैर-आयोजना क्षेत्रों में भवन योजनाओं के नियमन, नक्शा स्वीकृत करने और पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था विकसित करने का अधिकार दिया जाएगा।

    सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पार्क, जल निकासी, सीवरेज, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    साथ ही मानकों का उल्लंघन कर होने वाले निर्माण पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।