यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एयर इंडिया पर बिहार के पैसेंजर ने लगाए गंभीर आरोप, दिल्ली से पटना का किया था सफर
एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर कर रहे यात्री के बैग से नकदी चोरी होने के मामले में दो महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बक्सर के पैसेंजर ने एयर इंडिया विमा ...और पढ़ें

HighLights
- हवाईअड्डा थाने को ई-मेल से भेजी गई थी शिकायत
- थानेदार ने मामले की जानकारी होने से जताई अनभिज्ञता
जागरण टीम, बक्सर/पटना। एयर इंडिया की दिल्ली-पटना फ्लाइट (एआइ 2633) से सफर कर रहे यात्री के बैग से नकदी चोरी होने के मामले में दो महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बक्सर के इटाढ़ी थानांतर्गत बैरी गांव निवासी यात्री नंद कुमार तिवारी ने एयर इंडिया विमानन कंपनी और पटना के हवाईअड्डा थाना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका आरोप है कि ई-मेल के माध्यम से एयर सेवा पोर्टल, एयर इंडिया और पटना हवाईअड्डा थाना को शिकायत की गई थी। विमानन कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हवाईअड्डा थाने की पुलिस ने मामले की जांच के बाद प्राथमिकी करने का आश्वासन दिया था, मगर यहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, हवाईअड्डा थानेदार अमित कुमार ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अन्य सामान के साथ 25 हजार नकद थे
नंद कुमार ने बताया कि उन्होंने 17 अप्रैल को एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली से पटना की यात्रा की थी। उनके बैग में अन्य सामान के साथ 25 हजार नकद भी था। पटना हवाईअड्डे पर उतरने के बाद बैग रिसीव कर जब वे घर पहुंचे तो देखा कि बैग से छेड़छाड़ की गई है।
बैग से 22,800 रुपये की चोरी हुई
उसमें केवल 2,200 रुपये हैं। उनके अनुसार, बैग से 22,800 रुपये की चोरी हुई थी। इसकी जानकारी होते ही उनके पुत्र कुमार अभिज्ञान ने एयर इंडिया, पटना हवाईअड्डे, दिल्ली एयर इंडिया टीम और एयर सेवा पोर्टल पर ईमेल से शिकायत की थी। एयर इंडिया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मूल्यवान वस्तुओं को चेक-इन बैगेज में नहीं रखना चाहिए। ऐसी वस्तुएं उनकी क्षतिपूर्ति नीति के तहत कवर नहीं होती हैं।
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कंपनी बोली, कोई चोरी नहीं हुई
उन्होंने यह भी सलाह दी कि शिकायत को स्थानीय अधिकारियों के पास दर्ज कराया जाए। मई की शुरुआत में पटना हवाईअड्डे की एयर इंडिया टीम ने बताया कि उन्होंने दिल्ली और पटना दोनों हवाईअड्डों पर बैगेज हैंडलिंग प्वाइंट्स के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन कोई चोरी या छेड़छाड़ नहीं पाई गई। पीड़ित का कहना है कि दो महीने गुजर जाने के बाद भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। न सीसीटीवी फुटेज दिया गया और न ही आरोपित की पहचान हुई।