यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Sipahi Bharti: अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले मिल गई थी आंसर-की, भर्ती परीक्षा में धांधली पर EOU की मुहर
Bihar Sipahi Bahali Papper Leak latest news बिहार पुलिस में 21 हजार से अधिक पदों के लिए आयोजित सिपाही बहाली की परीक्षा में अभ्यर्थियों के पास आंसर-की ...और पढ़ें

HighLights
- अभ्यर्थियों को डेढ़ से दो घंटे पहले मिल गई थी आंसर-की।
- EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान ने दी जानकारी।
- परीक्षा में जालसाजी के आरोप में 148 लोगों को किया गया है गिरफ्तार।
- 21 जिलों में दर्ज किए जा चुके हैं 65 से अधिक केस।
राज्य ब्यूरो, पटना।Bihar Police Constable Bharti 2023। बिहार पुलिस (Bihar Police) में 21 हजार से अधिक पदों के लिए रविवार को आयोजित सिपाही बहाली की परीक्षा (Bihar Sipahi Bahali Exam) में अभ्यर्थियों के पास आंसर-की (Answer-key) मिलने की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रहा है।
बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा (Bihar Constable Recruitment Exam) में जालसाजी की जांच के बारे में जानकारी देते हुए EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान (ADG Nayyar Hasnain Khan) ने मंगलवार को बताया कि अब तक की जांच में इसके पूरे साक्ष्य मिले हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र और आंसर-की (Answer Key) बाहर आ गए थे।
ADG खान ने बताया कि नवादा और पटना में जो साक्ष्य मिले हैं, उसके अनुसार डेढ़ से दो घंटे पहले ही अभ्यर्थियों को आंसर-की मिल गया था। जब आंसर-की दो घंटे पहले मिला है, तो निश्चित ही प्रश्न-पत्र और पहले आ गए होंगे।
एडीजी ने बताया कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से लीक हुआ, किसने लीक किया और इसमें कौन-कौन शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी होंगे, चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या निजी, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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सिपाही भर्ती पर्षद भी क्या जांच के दायरे में हैं? इस सवाल पर एडीजी खान ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी होंगे, उनपर कार्रवाई होगी।
पैसे के ऑनलाइन लेन-देन के मिले साक्ष्य
एडीजी ने बताया कि एसआइटी की जांच में परीक्षा में गड़बड़ी के साथ ही वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। अभ्यर्थियों के द्वारा यूपीआइ के माध्यम से पैसों का लेन-देन किया गया है। पैसों को किन लोगों तक पहुंचाया गया है, इसकी जांच की रही है।
एक सवाल के जवाब में एडीजी ने बताया कि अभी तक इस मामले में राज्य के 21 जिलों में 67 केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें 148 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे अधिक कांड छपरा में दर्ज किए गए हैं। बड़ी संख्या में ब्लूटूथ, वाकी-टाकी, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण भी मिले हैं, जिनकी जांच की रही है।
पुलिस मुख्यालय से मांगे गए अतिरिक्त अधिकारी
एडीजी खान ने बताया कि सिपाही बहाली में गड़बड़ी मामले का पर्दाफाश बहुत जल्द निश्चित समयसीमा में होगा। अभी तक ईओयू ने इससे जुड़े दो दर्जन कांडों को टेकओवर किया है। जांच में ज्यादा समय न लगे, इसके लिए पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त अधिकारी भी मांगे गए हैं।
अलग-अलग टीमें बनाकर एक-एक पहलू की जांच होगी। जांच में जो भी कमी पाई जाएगी, उसे सिपाही पर्षद को भी भेजा जाएगा ताकि आगे सुधार किया जा सके।
दूसरे राज्य भी जाकर जांच करेगी टीम
पेपर लीक में हरियाणा कनेक्शन के सवाल पर एडीजी ने बताया कि अभी तक स्पष्ट किसी राज्य का संबंध सामने नहीं आया है। अगर किसी राज्य में जाकर जांच करना होगा, तो उसके लिए भी टीम भेजी जाएगी।
अभी मुख्यालय स्तर पर वरीय अधिकारियों की एक टीम के साथ जिलों में जाकर जांच करने वाली चार-पांच टीमें बनाई गई हैं। जांच में जिला पुलिस की भी मदद ली जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान ईओयू के एसपी सुशील कुमार भी मौजूद थे।
ईओयू ने मांगी जनता से जानकारी
ईओयू ने अभ्यर्थियों के साथ आम लोगों से भी सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है। एडीजी नैय्यर हसनैन खान ने कहा कि जो भी व्यक्ति परीक्षा से जुड़ी सूचनाएं या शिकायतें साझा करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।
ईओयू को इन पतों पर दें जानकारी
फोन नंबर: 0612-2216236
ई-मेल: cybercell-bih