Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार पुलिस में काली कमाई का नेटवर्क! DSP-इंस्पेक्टर की मिलीभगत उजागर, 70 बार होती थी रोज बात

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 04:44 PM (IST)

    Bihar Police Corruption: पटना में ईओयू की जांच में निलंबित डीएसपी गौतम कुमार और इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के बीच काली कमाई में गहरी सांठगांठ का खुल ...और पढ़ें

    पटना में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच

    पटना में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच

    HighLights

    1. डीएसपी-इंस्पेक्टर की काली कमाई में गहरी सांठगांठ।

    2. एक दिन में 70-80 बार फोन पर बातचीत।

    3. अवैध संपत्ति के तार सिलीगुड़ी तक जुड़े।

    राज्य ब्यूरो, पटना। पटना में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच कर रही Economic Offences Unit (ईओयू) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। किशनगंज के निलंबित डीएसपी गौतम कुमार और इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन पर शिकंजा कसता जा रहा है। जांच में दोनों के बीच गहरी सांठगांठ के सबूत मिले हैं।

    काली कमाई में साझेदारी के आरोप

    ईओयू की जांच के मुताबिक, डीएसपी और इंस्पेक्टर काली कमाई के नेटवर्क में एक-दूसरे के साझीदार थे। दोनों पर आरोप है कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को मिलकर संचालित और छिपाया जा रहा था। इससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

    एक दिन में 70-80 बार होती थी बातचीत

    जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालने पर पता चला कि दोनों अधिकारी एक दिन में 70 से 80 बार फोन पर बातचीत करते थे। इतनी अधिक बातचीत ने ईओयू को शक की दिशा में मजबूत आधार दिया और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

    बंगाल के सिलीगुड़ी तक जुड़े तार

    छानबीन में यह भी सामने आया है कि दोनों कई बार पश्चिम बंगाल के Siliguri गए थे। वहां जाने के ठोस साक्ष्य भी जांच एजेंसी को मिले हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा का संबंध काली कमाई से जुड़े नेटवर्क से हो सकता है।

    खबरें और भी

    इंस्पेक्टर की ससुराल में छापेमारी

    ईओयू की एक टीम इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन की ससुराल भी पहुंची, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों को उम्मीद है कि यहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े सुराग मिल सकते हैं।

    जांच के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई

    मामले में लगातार नए खुलासों के बाद दोनों अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।