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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री ने बेटे समेत ज्‍वाइन कर ली नीतीश की पार्टी

    Updated: Sat, 22 Jun 2024 04:22 PM (IST)

    Bihar Politics देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे एक बार फिर एनडीए के पक्ष में आए और इस गठबंधन ने सफलतापूर्वक सरकार बना ली है। वहीं बिहार में अगले साल विधा ...और पढ़ें

    जदयू ज्‍वाइन करने के बाद एकजुटता दिखाते हेमराज, उनके बेटे व शीर्ष पार्टी नेता। फोटो- X@Jduonline
    जदयू ज्‍वाइन करने के बाद एकजुटता दिखाते हेमराज, उनके बेटे व शीर्ष पार्टी नेता। फोटो- X@Jduonline

    HighLights

    1. पूर्व मंत्री हेमराज सिंह और उनके पुत्र धनराज सिंह ने ज्‍वाइन की जदयू
    2. बिहार के सीमांचल में मजबूत पकड़ रखते है पूर्व मंत्री हेमराज सिंह
    3. पूर्व मंत्री ने जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की

    राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्व मंत्री हेमराज सिंह और उनके पुत्र धनराज सिंह ने शनिवार को जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। राजद के शासन काल में उनके पास पथ निर्माण विभाग का जिम्मा था। 

    जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने हिमराज व धनराज सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलायी। जदयू विधान पार्षद संजय कुमार सिंह 'गांधी जी', ललन सर्राफ और चंदन कुमार सिंह भी इस मौके पर मौजूद थे।

    हेमराज के आने से जदयू मजबूत होगी: उमेश कुशवाहा

    जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हेमराज सिंह के दल में आने से पार्टी का संगठन और अधिक मजबूत होगा। वे सीमांचल के कद्दावर नेता हैं।

    उमेश कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री के न्याय के साथ विकास की नीति में आस्था व्यक्त करते हुए हेमराज सिंह ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की है।

    तेजस्‍वी ने पार्टी नेताओं को दिया अल्‍टीमेटम

    लोकसभा चुनाव में एक बार फिर पार्टी के अच्‍छा प्रदर्शन न करने से तेजस्‍वी यादव नाराज हैं और पार्टी नेताओं व विधायकों को सख्‍त हिदायत दी है। तेजस्‍वी ने अपनी पार्टी के नेताओं को मंच पर भीड़ बढ़ाने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करने का अल्‍टीमेट दे दिया है।

    उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि कई जनसभाओं और रैलियों में सहयोगी दलों के नेताओं को मंच पर उचित स्‍थान नहीं मिला। राजद नेता ही मंच घेरे रहे। नतीजों पर इसका भी काफी असर हुआ।

    झटके से कैसे उभरेगी आरजेडी?

    विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व मंत्री का राजद का साथ छोड़ना लालू यादव की पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। हालांकि, इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि राजद भी जदयू के नेताओं को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर ले। बहरहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि‍ विधानसभा चुनाव में लालू की पार्टी कैसे कमबैक करेगी।

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