यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Caste Census: 'प्रधानमंत्री जी जाति जनगणना...', तेजस्वी यादव का PM को ओपन लेटर, बिहार में बढ़ाएगा सियासी टेंशन
केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना के फैसले के बाद तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि जाति जनगणना कराने का निर्णय हमारे देश ...और पढ़ें

HighLights
- जनगणना के लिए संघर्ष करने वाले लोग केवल गणना नहीं सशक्तिकरण की प्रतीक्षा कर रहे- तेजस्वी
- जाति जनगणना कराना सामाजिक न्याय की दिशा में लंबी यात्रा का पहला कदम मात्र है- तेजस्वी
डिजिटल डेस्क, पटना। देश में जाति जनगणना कराने के केंद्र सरकार फैसले के बाद श्रेय लेने की होड़ और बयानबाजी का दौर जारी है। इसी अब बिहार में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओपन लेटर लिखा है।
बता दें कि 30 अप्रैल को मोदी कैबिनेट की बैठक में जाति जनगणना कराने का फैसला लिया गया था। इसके बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसका श्रेय लालू यादव को दिया था।
इससे सभी दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी और श्रेय लेने की होड़ मच गई थी। ज्ञात हो कि बिहार में सबसे पहले जाति गणना के लिए सर्वे कराया गया है। कई दल पूरे देश में इसे कराने की मांग करते रहे हैं।
तेजस्वी ने ट्वीट कर साझा किया पत्र
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को लिखे गए पत्र को साझा किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जाति जनगणना कराने का निर्णय देश को समानता के अधिकारों की ओर ले जाने वाला और परिवर्तनकारी क्षण हो सकता है।
उन्होंने आगे लिखा कि जाति जनगणना के लिए संघर्ष करने वाले लाखों लोग सिर्फ डेटा के लिए इसे कराना नहीं चाहते। तेजस्वी ने कहा कि इससे वह सम्मान मिलने और फिर से सशक्त होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव का पत्र
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में पीएम मोदी को लिखा कि हाल ही में आपकी सरकार द्वारा देश में जाति जनगणना कराने की घोषणा ने नई आशा का संचार किया है। इसी आशा के साथ आपको यह पत्र लिख रहा हूं। बीते कई वर्षों से आपकी सरकार और एनडीए गठबंधन के दल जाति जनगणना को गैरजरूरी और विभाजनकारी बताकर नकारते रहे हैं।
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बिहार की जाति जनगणना का किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में बिहार की जाति जनगणना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार जाति सर्वेक्षण से पता चला कि ओबीसी और ईबीसी हमारे राज्य की आबादी का लगभग 63% हिस्सा हैं। देश में होने वाली जनगणना में भी ऐसे ही पैटर्न सामने आने की संभावना है।
तेजस्वी ने कहा कि आपकी सरकार अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। जाति जनगणना कराने का निर्णय हमारे देश की समानता की यात्रा में एक परिवर्तनकारी क्षण हो सकता है।
इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि जनगणना के डेटा का उपयोग सुधार के लिए किया जाएगा या फिर यह कई पिछली आयोग रिपोर्टों की तरह धूल भरे अभिलेखागार तक ही सीमित रहेगा?
My letter to PM Sh. @narendramodi Ji.
The decision to conduct the caste census can be a transformative moment in our nation's journey towards equality. The millions who have struggled for this census await not just data but dignity, not just enumeration but empowerment.… pic.twitter.com/t2uszNfjOH
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 3, 2025