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बिहार में आम आदमी पर कुर्की की चेतावनी, सरकारी संस्थानों पर करोड़ों का संपत्ति कर बकाया; पटना जू पर ₹9.88 करोड़

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:37 PM (IST)

पटना नगर निगम संपत्ति कर वसूली के लिए अभियान चला रहा है, जिसमें आम लोगों के साथ-साथ कई सरकारी संस्थानों ...और पढ़ें

पटना जू सबसे बड़ा सरकारी बकायेदार

पटना जू सबसे बड़ा सरकारी बकायेदार

HighLights

  1. पटना जू पर 9.88 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया।

  2. कई सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपये का कर लंबित।

  3. नगर निगम संपत्ति कर वसूली के लिए चला रहा अभियान।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना नगर निगम संपत्ति कर की वसूली के लिए लगातार अभियान चला रहा है। आम लोगों को बकाया जमा करने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं और समय पर भुगतान नहीं करने पर संपत्ति कुर्क करने या बैंक खाता फ्रीज करने जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।

लेकिन निगम की बड़ी बकायेदारों की सूची में कई सरकारी संस्थान भी शामिल हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का संपत्ति कर लंबित है।

पटना जू सबसे बड़ा सरकारी बकायेदार

नगर निगम की सूची में पटना जू सबसे ऊपर है। जू पर 9.88 करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया बताया गया है। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पर 3.77 करोड़, बुडको पर 3.09 करोड़ और जिलाधिकारी कार्यालय पर 2.01 करोड़ रुपये लंबित हैं।

शिक्षा विभाग से CGST तक करोड़ों बाकी

माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित संपत्तियों पर 3.19 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। वहीं सीजीएसटी से जुड़ी संपत्तियों पर 3.78 करोड़ रुपये लंबित हैं। यानी टैक्स वसूली की चुनौती सिर्फ निजी मकान और दुकानों तक सीमित नहीं है।

आम करदाता पूछ सकता है यह सवाल

नगर निगम निजी संपत्तियों से बकाया वसूलने के लिए सख्ती की तैयारी कर रहा है। ऐसे में सरकारी संस्थानों पर करोड़ों का बकाया होना आम करदाताओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। निगम का कहना है कि सरकारी विभागों की लंबित राशि की वसूली के लिए संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

गैर-सरकारी संपत्तियों पर भी करोड़ों का बकाया

डोर-टू-डोर अभियान में चिह्नित प्रमुख गैर-सरकारी संपत्तियों पर भी बड़ी रकम बकाया मिली है। शीर्ष पांच गैर-सरकारी संपत्तियों पर करीब 1.94 करोड़ रुपये संपत्ति कर लंबित है। इनमें चार संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल और एक नूतन राजधानी अंचल में हैं।

इन निजी संपत्तियों पर लाखों रुपये बाकी

वार्ड 27 स्थित उत्कर्ष स्फटिक लिमिटेड पर 65.48 लाख रुपये बकाया है। वार्ड दो के वीरेंद्र कुमार, सुजाता देवी, विनीता देवी, पारस नाथ व सुमित्रा देवी पर 45.86 लाख रुपये लंबित हैं।

इसी वार्ड की समुद्री देवी पर 36.91 लाख, सुकांत कुमार मिश्रा पर 24.56 लाख और वार्ड 13 के शंकर कुमार व नूतन कुमारी पर 21.45 लाख रुपये बकाया है।

घर-घर पहुंच रही निगम की टीम

संपत्ति कर वसूली के लिए नगर निगम का डोर-टू-डोर अभियान जारी है। निगम की टीमें चिह्नित संपत्तियों और प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर बकाया कर की जानकारी दे रही हैं। मौके पर भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकारी और निजी दोनों से वसूली पर जोर

नगर निगम का कहना है कि अभियान केवल आम लोगों या निजी संपत्तियों तक सीमित नहीं है। सरकारी संस्थानों और विभागों की संपत्तियों से भी लंबित कर की वसूली के लिए समन्वय किया जा रहा है। क्षेत्रवार बकाया मामलों की निगरानी कर संबंधित टीमों को वसूली के लिए सक्रिय किया गया है।