कांग्रेस ने बिगाड़ा तेजस्वी-ओवैसी का खेल: तीन कांग्रेस व एक राजद विधायक ने नहीं डाला वोट, सियासी अटकलें तेज
Bihar Rajya Sabha Elections: बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के चार विधायकों (तीन कांग्रेस, एक राजद) ने मतदान नहीं किया, जिससे राजनीतिक गलियारों मे ...और पढ़ें

कांग्रेस के तीन विधायक मतदान से रहे दूर
HighLights
तीन कांग्रेस और एक राजद विधायक मतदान से अनुपस्थित रहे।
महागठबंधन खेमे में इन अनुपस्थितियों से राजनीतिक हलचल बढ़ी।
पांचवीं राज्यसभा सीट पर चुनावी नतीजों पर असर की आशंका।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए मतदान के बीच महागठबंधन खेमे में उस समय हलचल बढ़ गई जब उसके चार विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचे। इनमें कांग्रेस के तीन और राजद का एक विधायक शामिल बताया जा रहा है।
मतदान के दिन इन विधायकों की गैरहाजिरी ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है। खासकर पांचवीं सीट पर चल रही सियासी जंग के बीच इस घटनाक्रम को काफी अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस के तीन विधायक मतदान से रहे दूर
जानकारी के अनुसार कांग्रेस विधायक Surendra Prasad, Manoj Vishwas और Manohar Singh Manjhi मतदान के दौरान विधानसभा नहीं पहुंचे।
तीनों विधायक महागठबंधन का हिस्सा हैं और उनका वोट गठबंधन उम्मीदवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजद के एक विधायक भी नहीं पहुंचे
कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ राजद के ढाका से विधायक Faisal Rahman भी मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे।
राजद नेता की गैरमौजूदगी ने महागठबंधन के भीतर रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी गणित से जोड़कर देख रहे हैं।
पांचवीं सीट पर असर की चर्चा
राज्यसभा चुनाव में पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में हर एक वोट का महत्व बढ़ गया है।
महागठबंधन की ओर से राजद उम्मीदवार मैदान में हैं और उन्हें समर्थन के लिए हर विधायक का वोट जरूरी माना जा रहा था। चार विधायकों की गैरहाजिरी से इस समीकरण पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
पाला बदलने की अटकलें तेज
विधायकों के मतदान में शामिल नहीं होने के बाद राजनीतिक हलकों में पाला बदलने या रणनीतिक दूरी की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षक यह भी मान रहे हैं कि यह कदम संभावित राजनीतिक दबाव या भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
चुनावी नतीजों पर टिकी निगाह
राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 41 वोट की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ विधायकों की अनुपस्थिति भी परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
अब सभी दलों की निगाह मतगणना के नतीजों पर टिकी है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि मतदान के दौरान हुई इन गैरहाजिरियों का चुनावी परिणाम पर कितना असर पड़ा।
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