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पटना से भागलपुर तक खतरे की घंटी, कम वर्षा के बाद भी बिहार की नदियां रौद्र रूप में; कई जगह पानी घुसा

Published: Sat, 22 Aug 2026 11:09 AM (IST)

Bihar Flood Alert:बिहार में कम बारिश के बावजूद गंगा, सोन, सरयू जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे पटना से ...और पढ़ें

पटना में गंगा की उफान के कारण क‍िनारे फैला पानी। जागरण

पटना में गंगा की उफान के कारण क‍िनारे फैला पानी। जागरण

HighLights

  1. कम बारिश के बावजूद बिहार की नदियां उफान पर।

  2. गंगा, सोन, सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के करीब।

  3. पटना, बक्सर, सिवान समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा।

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Flood News, Patna Flood: बिहार में इस वर्ष अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, लेकिन राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं।

गंगा, सोन, कोसी, गंडक, सरयू और बागमती के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। पटना, भोजपुर, बक्सर, सिवान, रोहतास, भागलपुर, बेगूसराय और पश्चिमी चंपारण में नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

रोहतास में शुक्रवार को नौहट्टा क्षेत्र में सोन का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पहाड़ी नदियों का पानी रोहतास-यदुनाथपुर मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक बहने लगा, जिससे आवागमन बाधित हो गया।

भोजपुर के कई इलाकों में फैला पानी 

गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से शाहपुर प्रखंड के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। गंगा का पानी सहायक नदियों और धाराओं के माध्यम से खेतों के बाद अब गांवों की ओर तेजी से फैलने लगा है।

लक्षुटोला, लालू डेरा, बहोरनपुर, सुहिया एवं दामोदरपुर पंचायत के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लक्षुटोला पंचायत के लक्षुटोला गांव के वार्ड संख्या 13 एवं 14 में गंगा नदी का पानी घरों में प्रवेश करने लगा है।

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(शाहपुर के सारंगपुर-लक्षुटोला सड़क पर चढ़ा बाढ़ का पानी।)

सिवान में सरयू खतरे के निशान से ऊपर

सिवान के दरौली में सरयू नदी का जलस्तर 61.11 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.82 मीटर से 29 सेंटीमीटर ऊपर है।

नदी का पानी सोहागरा, सोनहुला, श्रीकलपुर, गुठनी, बलुआ और तीर बलुआ समेत कई निचले इलाकों में पहुंच गया है। आंदर, रघुनाथपुर और सिसवन में भी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

Siwan

(स‍िवान में उफान पर सरयू।)

बक्सर में तेजी से बढ़ रही गंगा

बक्सर में पिछले चार दिनों में गंगा का जलस्तर करीब 4.5 मीटर बढ़ चुका है। शुक्रवार को पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा।

दियारा क्षेत्रों के साथ चौसा के मैदानी इलाकों में भी पानी पहुंचने लगा है। रामरेखा घाट स्थित विवाह मंडप में पानी घुस गया है। घाटों पर बैरिकेडिंग कर स्नानार्थियों को नदी की ओर जाने से रोका जा रहा है।

Buxar (1)

(फूलीमिश्र के डेरा गंगा घाट पर पानी से घिर गया हनुमान मंदिर।)

भागलपुर में चेतावनी स्तर के करीब गंगा

भागलपुर में गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम छह बजे जलस्तर 32.49 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वार्निंग लेवल 32.68 मीटर है।

Katihar

(महानंदा नदी का कटाव देखते लोग।)

यानी नदी चेतावनी स्तर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे है। बरारी, रजंदीपुर, फरका, बाबूपुर, घोषपुर और ममलखा समेत कई दियारा क्षेत्रों में खेतों में पानी फैल गया है।

Bhagalpur

(गंगा का लगातार जलस्तर बढ़ने के साथ ही मशानी काली मंदिर के पास गंगा का पानी । जागरण)

पश्चिमी चंपारण में कटाव से सड़क नदी में समाई

पश्चिमी चंपारण के रेवहिया गांव में गंडक नदी का कटाव भीषण रूप ले चुका है। करीब 500 मीटर पक्की सड़क नदी में समा चुकी है। प्राथमिक विद्यालय चिउरही उर्दू का भवन, बाउंड्री और पैक्स गोदाम पहले ही कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं।

मुंगेर में प्रशासन अलर्ट, नावों की व्यवस्था

मुंगेर में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब है। संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा विभाग ने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।

Munger

नेपाल और मध्य प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने गंगा, सोन, गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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