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बालूघाट बार-बार सरेंडर करने का खेल होगा बंद, बिहार सरकार ला रही सख्त नियम; आमलोगों को कैसे होगा फायदा

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:29 PM (IST)

बिहार सरकार बालूघाटों की नीलामी और खनन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए सख्त नियम लागू करने की तैयारी ...और पढ़ें

बालू के खेल पर सरकार की सख्ती।

बालू के खेल पर सरकार की सख्ती।

HighLights

  1. बालूघाटों के बार-बार सरेंडर पर लगेगी सख्त रोक।

  2. खनन के लिए वित्तीय आश्वासन और स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।

  3. अवैध खनन रुकेगा, आम लोगों को बालू मिलेगी सस्ती।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के बालूघाटों की नीलामी और खनन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।

इसके तहत बालूघाटों के बार-बार प्रत्यार्पण (सरेंडर) पर रोक लगाने के लिए नियमों को और सख्त किया जाएगा। इससे एक ही घाट को बार-बार दूसरे के नाम करने की व्यवस्था पर रोक लगेगी और सरकार को बालू से मिलने वाले राजस्व का बेहतर लाभ मिल सकेगा।

नीलामी के लिए स्पष्ट किए जाएंगे नियम 

इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाएगा। खान एवं भू-तत्व विभाग से मिले सूत्रों के अनुसार हाल ही में मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के स्तर पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह सहमति बनी कि बालू की नीलामी में भाग लेने वालों के लिए नियम और स्पष्ट किए जाएंगे।

नीलामी में घाट मिलने के बाद उन्हें तय शर्तों के अनुसार ही खनन करना होगा। ऐसा नहीं होगा कि वे बार-बार घाट सरेंडर कर सकें। यदि व्यवस्था का पालन ठीक से होता है तो ईमानदारी से कारोबार करने वाले लोगों को फायदा होगा और अवैध तरीके से बालू निकालने वालों पर कार्रवाई करना आसान होगा।

आमलोगों को फायदे का दावा 

नई व्यवस्था में खनन करने वालों से वित्तीय आश्वासन भी लिया जाएगा। यानी खनन शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन के बाद इलाके को सुरक्षित करने, गड्ढों को भरने और पर्यावरण से जुड़े जरूरी सुधार के काम समय पर कर दिए जाएं।

विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था का सीधा फायदा आम लोगों को भी मिलेगा और अवैध खनन और बालू की चोरी पर रोक लगने से बालू की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इससे निर्माण कार्यों के लिए बालू की कमी और अचानक बढ़ने वाली कीमतों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

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