Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार के स्कूलों में नई सख्ती: पहली घंटी में ही होगी हाजिरी, नहीं तो होगी कार्रवाई

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 08:38 AM (GMT+05:30)

    बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में अब बच्चों की उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। मध्याह्न भोजन के लिए पहली घंटी में हाजिरी अनिवार्य होगी, बाद में दर ...और पढ़ें

    बच्‍चों की उपस्‍थ‍िति‍ के आधार पर बनेगा मध्‍याह्न भोजन। फाइल

    बच्‍चों की उपस्‍थ‍िति‍ के आधार पर बनेगा मध्‍याह्न भोजन। फाइल

    HighLights

    1. पहली घंटी में बच्चों की उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य।

    2. मध्याह्न भोजन के लिए फर्जी हाजिरी पर होगी कार्रवाई।

    3. मॉडल स्कूलों में नौवीं कक्षा के नामांकन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में अब बच्चों की उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मध्याह्न भोजन निदेशालय ने इस बाबत निर्देश जारी किया है।

    इसमें कहा है कि छात्रों की उपस्थिति पहली घंटी में ही अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इसी उपस्थिति के आधार पर ही मध्याह्न भोजन तैयार होगा।

    निदेशक विनायक मिश्र द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि पहली घंटी के बाद उपस्थिति दर्ज करना फर्जी हाजिरी माना जाएगा।

    चेतावनी दी गई है क‍ि ऐसी स्थिति अगर सामने आती है तो इसे अनियमितता की श्रेणी में रखकर संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।

    अंडे और फल वितरण पर भी सख्‍त संदेश 

    निर्देश में यह भी साफ किया गया है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत निर्धारित मेनू, खासकर शुक्रवार या रविवार को दिए जाने वाले अंडा या फल का वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

    निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में बच्चों को इसका लाभ नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।

    सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और भोजन वितरण में गड़बड़ी पाई गई, तो जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मॉडल स्‍कूल में 30 तक होगा नामांकन 

    राज्य के माॅडल विद्यालयों में नौवीं कक्षा में 30 अप्रैल तक नामांकन लिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश जारी किया।

    आदेश में कहा गया है कि नामांकन प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा जिसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य है और इतने अंक पाने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    प्रत्येक माॅडल विद्यालय में कक्षा नौ के लिए न्यूनतम 40 सीटों पर नामांकन का प्रविधान है। यदि प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या कम होती है तो कक्षा आठवीं के अंकों के आधार पर अन्य इच्छुक छात्रों को भी अवसर प्रदान किया जाएगा।