IAS संजीव हंस फरार, बिहार के टेंडर घोटाले में रिशुश्री ने खोल दिया 'कमीशन' के खेल का पूरा चिट्ठा
बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में विशेष निगरानी इकाई ने चार अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी कर तीन को गिरफ्तार किया है, जबकि वरिष्ठ IAS संजीव हंस फरार है ...और पढ़ें

कमीशन का पूरा सिस्टम उजागर
HighLights
विशेष निगरानी इकाई ने चार अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी की।
तीन अधिकारी गिरफ्तार, वरिष्ठ IAS संजीव हंस अभी भी फरार।
रिशुश्री ने टेंडर में कमीशन के पूरे सिस्टम का खुलासा किया।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बुधवार की अहले सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अफसरों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस फरार बताए जा रहे हैं।
संजीव हंस के आवास और दफ्तर पर भी हुई तलाशी
एसवीयू टीम ने संजीव हंस के सरकारी आवास और राजस्व परिषद कार्यालय दोनों जगहों पर तलाशी ली, लेकिन वह वहां नहीं मिले। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और एजेंसियां उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं।
तीन अफसर गिरफ्तार, बेउर जेल भेजे गए
इस कार्रवाई में भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु कुमार चौधरी और नगर विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया।
तीनों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है।
रिशुश्री का बड़ा खुलासा, कमीशन का पूरा सिस्टम उजागर
जांच में टेंडर घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रिशु रंजन सिन्हा के बयान से पूरे 'कमीशन सिस्टम' का खुलासा हुआ है।
एसवीयू के अनुसार, रिशुश्री सरकारी अधिकारियों को कमीशन देकर टेंडर और बिल पास कराता था।
3.5% से 1% तक का कमीशन खेल
जांच में सामने आया है कि रिशुश्री भवन निर्माण विभाग के अधिकारी तारिणी दास को 3.5% नकद कमीशन देता था। वहीं नगर विकास विभाग के अभियंता उमेश सिंह को टेंडर के बदले 1% कमीशन दिया जाता था।
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करोड़ों की नकदी बरामदगी से बढ़ी जांच की आंच
ईडी की पिछली छापेमारी में भी भारी नकदी बरामद हुई थी। तारिणी दास के ठिकाने से 8.5 करोड़, मुमुक्षु कुमार चौधरी से 2 करोड़ और उमेश कुमार सिंह से 1 करोड़ रुपये नकद मिले थे।
इसके अलावा कुल 11.65 करोड़ रुपये की बरामदगी पहले ही सामने आ चुकी है।
रिशुश्री का नेटवर्क और टेंडर की साजिश
जांच के अनुसार रिशुश्री ने विभिन्न विभागों में अधिकारियों से सांठगांठ कर अपनी कंपनियों के पक्ष में टेंडर पास करवाए। उस पर सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर, रिश्वत और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे हैं।
एसवीयू का बयान, जांच और तेज होगी
एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दाराद ने कहा कि जांच में रिश्वत, कमीशन और टेंडर घोटाले की पुष्टि हो रही है।