बिहार में कल का मौसम 22 मई: बारिश-तूफान का अलर्ट, हवा 50kmph की स्पीड से चलेगी; किसान देखें एडवाइजरी
Bihar Weather: बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है, जहां कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है वहीं अन्य जगहों पर भीषण गर्मी और लू का प्र ...और पढ़ें
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
बिहार में भारी बारिश और भीषण लू का दोहरा प्रकोप।
मौसम विभाग ने अगले सात दिनों की विशेष चेतावनी जारी की।
किसानों को फसल बचाने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी गई।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में इस समय मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राज्य के कुछ हिस्सों में जहां मूसलाधार बारिश ने दस्तक दी है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
कहीं भारी बारिश तो कहीं गर्म रातें
पिछले 24 घंटों में बिहार के कुछ इलाकों में छिटपुट और कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्णिया में जमकर बारिश हुई। दरभंगा में भी जमकर आंधी आई है।
वहीं, राज्य के कई हिस्सों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3.0°C तक अधिक दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को रात के समय भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली।
अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान और चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। 21 से 24 मई के दौरान बिहार के कई हिस्सों में भीषण लू चलने की आशंका है। 21 मई को कुछ इलाकों में 'वार्म नाइट' (बेहद गर्म रातें) रहने की प्रबल संभावना है।
प्रदेश के समस्तीपुर, शिवहर, अररिया, किशनगंज, सुपौल, पूर्वी और पश्चिम चंपारण समेत अन्य जिलों में 40-50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने एवं मेघ गर्जन के साथ आंधी-पानी को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
बारिश की आशंका
21 और 24 मई को छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। 25 से 27 मई के बीच भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश जारी रहेगी।
किसानों को सलाह
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की है-
- फलदार बागानों (जैसे आम, लीची) और सब्जियों को ओलावृष्टि और तेज धूप से बचाने के लिए हेलनेट (Hailnet) या हेलकैप का इस्तेमाल करें।
- फलदार पौधों के छोटे और नाजुक सैपलिंग्स को तेज तापमान से बचाने के लिए अस्थायी शेड नेट लगाएं।
- खेतों में नमी बनाए रखने के लिए फसलों में हल्की लेकिन बार-बार (Frequent) सिंचाई करते रहें।
- मिट्टी से पानी को भाप बनकर उड़ने से रोकने के लिए फसल के अवशेषों, पुआल (Straw) या पॉलीथीन शीट की मदद से मल्चिंग जरूर करें।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों में शरण लें।