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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Home Stay In Bihar: मकान मालिकों के लिए गुड न्यूज, नीतीश सरकार ने होम स्टे योजना को दी मंजूरी

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 04:08 PM (IST)

    बिहार सरकार ने होम स्टे योजना (Home Stay In Bihar) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पहले चरण में 1000 बेड विकसित किए जाएंगे। होम स्टे के लिए मकान म ...और पढ़ें

    ग्रामीण परिवेश में रहेंगे पर्यटक, होम स्टे योजना को मिली स्वीकृति (नीतीश कुमार फाइल फोटो)
    ग्रामीण परिवेश में रहेंगे पर्यटक, होम स्टे योजना को मिली स्वीकृति (नीतीश कुमार फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 1000 बेड पहले चरण में योजना के तहत किए जाएंगे विकसित
    2. 2.50 लाख रुपये प्रति कमरा ऋण दिया जाएगा कमरों के उन्नयन को

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Home Stay Scheme ग्रामीण पर्यटन एवं इको पर्यटन स्थल के समीप पर्यटकों को आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रोत्साहन योजना को राज्य कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पर्यटकों को ठहराने के लिए एक से छह कमरों और दो से 12 बेड तक की अनुमति दी जाएगी।

    होम स्टे के लिए मकान मालिक या प्रमोटर को अपने कमरों और बेड का निबंधन पर्यटन विभाग से कराना होगा। निबंधन दो वर्ष के लिए वैध होगा जिसके बाद उसका हर साल नवीकरण कराना होगा। निबंधन शुल्क के रूप में पहले दो वर्ष के लिए पांच हजार की राशि निर्धारित की गई है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा।

    होम स्टे योजना का मुख्य उद्देश्य

    पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य देसी-विदेशी पर्यटकों को यात्रा के दौरान कम खर्च में बेहतर कमरा या बेड उपलब्ध कराना है। यहां पर्यटकों को बिहार की संस्कृति, खान-पान एवं परंपरा से रू-ब-रू होने का भी अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    मकान मालिक को मिलेगा वित्तीय लाभ

    पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में एक हजार कमरों को होम स्टे में परिवर्तित किया जाना है। शहरी इलाके के पर्यटन स्थल से पांच किमी और ग्रामीण/इको पर्यटन स्थल से 10 किमी की परिधि में मकान मालिक/ प्रमोटर को वित्तीय लाभ प्रदान किया जाएगा।

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    वित्तीय लाभ के तहत कमरे के उन्नयन के लिए बैंक से ऋण भी दिया जाएगा। ऋण की राशि की अधिकतम सीमा 2.50 लाख रुपये प्रति कमरे तय की गई है। इस राशि के ब्याज की प्रतिपूर्ति पर्यटन विभाग द्वारा की जाएगी। मकान मालिक को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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