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बिहार में 30 नवंबर से सियासी हलचल तेज, 5 दिन चलेगा विधानमंडल का शीतकालीन सत्र; 4 दिसंबर को समापन

Published: Sat, 07 Nov 2026 05:22 PM (IST)

बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक पटना में चलेगा। इस पांच दिवसीय सत्र में नए ...और पढ़ें

30 नवंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी सदन की कार्यवाही

30 नवंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी सदन की कार्यवाही

HighLights

  1. विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक।

  2. सत्र में अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा।

  3. नए सदस्यों का शपथ ग्रहण और विधायी कार्य होंगे।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति में नवंबर के आखिरी दिन से हलचल तेज होने वाली है। राज्य में 30 नवंबर से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू होगा। यह सत्र 4 दिसंबर तक चलेगा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 18वीं बिहार विधानसभा के चतुर्थ सत्र और बिहार विधान परिषद के 214वें सत्र को आहूत किया है। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग और विधानसभा सचिवालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

30 नवंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी सदन की कार्यवाही

जारी अधिसूचना के मुताबिक, बिहार विधानसभा और विधान परिषद की बैठकें 30 नवंबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होंगी। दोनों सदनों की कार्यवाही पटना स्थित अपने-अपने सभा वेश्म में संचालित होगी। सचिवालय की ओर से जारी औपबंधिक कार्यक्रम के अनुसार, इस बार शीतकालीन सत्र पांच दिनों का होगा। 4 दिसंबर को दोनों सदनों की कार्यवाही के साथ सत्र का समापन होगा।

पहले दिन शपथ ग्रहण से लेकर अनुपूरक बजट तक का एजेंडा

सत्र के पहले दिन कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तावित हैं। सोमवार, 30 नवंबर को नए सदस्यों का शपथ ग्रहण (यदि हो) कराया जाएगा। इसके अलावा राज्यपाल की ओर से सत्र के अभाव में प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इसी दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश की जाएगी। पहले दिन शोक प्रकाश का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

1 और 2 दिसंबर को विधेयकों पर रहेगी नजर

शीतकालीन सत्र के दूसरे और तीसरे दिन यानी 1 और 2 दिसंबर को विधानसभा में राजकीय विधेयकों और अन्य राजकीय कार्यों को निपटाया जाएगा। वहीं विधान परिषद में 1 दिसंबर को गैर-सरकारी संकल्प पेश किए जाएंगे।

इसके बाद 2 और 3 दिसंबर को परिषद में राजकीय विधेयकों पर कामकाज होगा। इन दिनों दोनों सदनों में विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाया जाएगा।

3 दिसंबर को अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा

सत्र का चौथा दिन वित्तीय लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। गुरुवार, 3 दिसंबर को विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। इसके बाद मतदान कराया जाएगा और विनियोग विधेयक पारित किया जाएगा। इस दौरान सरकार के अतिरिक्त खर्चों से जुड़े प्रस्तावों पर सदन में चर्चा होगी।

आखिरी दिन गैर-सरकारी संकल्प और विनियोग विधेयक पर कामकाज

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार, 4 दिसंबर को विधानसभा में गैर-सरकारी सदस्यों के संकल्प लिए जाएंगे। वहीं विधान परिषद में अनुपूरक बजट पर सामान्य वाद-विवाद होगा।

इसके साथ ही विनियोग विधेयक का व्यवस्थापन भी निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है। इसी दिन दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी होने के साथ शीतकालीन सत्र का सत्रावसान होगा।

पांच दिनों के सत्र में कई मुद्दों पर रहेगी नजर

कुल मिलाकर पांच दिनों का यह शीतकालीन सत्र विधायी और वित्तीय कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। खास तौर पर द्वितीय अनुपूरक बजट, राजकीय विधेयकों और विनियोग विधेयक पर सदन की कार्यवाही अहम होगी।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि निर्धारित विधायी एजेंडे के अलावा सदन में किन मुद्दों को लेकर चर्चा होती है और सरकार की ओर से किन विषयों पर जवाब दिया जाता है।

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