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    बिहार में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार किस विभाग में? निगरानी के एक्‍शन से खुलासा; सिर्फ 4 महीनों में 51 कार्रवाई

    Updated: Wed, 06 May 2026 12:21 PM (GMT+05:30)

    निगरानी विभाग ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस साल आक्रामक अभियान चलाया है, जिसमें चार महीनों में 51 कार्रवाईयां की गईं, जिनमें 46 रंगेहाथ पकड़े जा ...और पढ़ें

    भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ न‍िगरानी व‍िभाग का सख्‍त एक्‍शन। प्रतीकात्‍मक फोटो

    भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ न‍िगरानी व‍िभाग का सख्‍त एक्‍शन। प्रतीकात्‍मक फोटो

    HighLights

    1. चार महीनों में निगरानी विभाग की 51 भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई।

    2. 46 मामले रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के।

    3. राजस्व और पुलिस विभाग में सर्वाधिक भ्रष्टाचार के मामले।

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस वर्ष निगरानी विभाग ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज चार महीनों में ही 51 कार्रवाई की हैं।

    इनमें अकेले 46 ट्रैप केस शामिल हैं। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई है। पिछले 16 वर्षों में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सबसे तेज अभियान माना जा रहा है।

    विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

    राजस्‍व एवं पुलिस व‍िभाग में सबसे ज्‍यादा मामले

    दोनों विभागों में चार महीनों के दौरान 8-8 कार्रवाई हुई हैं। इसके बाद पंचायती राज विभाग तीसरे स्थान पर है, जहां 4 ट्रैप केस दर्ज किए गए।

    वहीं स्वास्थ्य विभाग में 3 मामले सामने आए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, खनन विभाग तथा शिक्षा विभाग में 2-2 मामलों में कार्रवाई हुई है।

    निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    खास बात यह है कि ट्रैप मामलों की अधिक संख्या यह संकेत देती है कि रिश्वतखोरी के खिलाफ अब सीधे रंगेहाथ पकड़ने की रणनीति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    इससे साफ है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

    विभागवार ट्रैप केस एक नजर में

    • राजस्व एवं पुलिस विभाग : 8-8 मामले
    • पंचायती राज विभाग : 4 मामले
    • स्वास्थ्य विभाग : 3 मामले
    • खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, खनन और शिक्षा विभाग : 2-2 मामले
    • ग्रामीण विकास, कृषि विभाग, युवा रोजगार एवं कौशल विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, कलेक्ट्रेट, सहकारिता विभाग, आयुक्त कार्यालय और विश्वविद्यालय : 1-1 मामला

    पिछले वर्षों में कार्रवाई का आंकड़ा

    • 2021 : 18
    • 2022 : 21
    • 2023 : 19
    • 2024 : 03
    • 2025 : 21
    • 2026 : 51