यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Weather: 15 अगस्त को बिहार के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, खूब गरजेंगे बादल; पढ़ें मौसम का हाल
Bihar Weather Independence Day बिहार में मानसून और अधिक सक्रिय हो गया है जिसके चलते राजधानी पटना समेत कई जिलों में तेज बारिश हो रहे हैं। वहीं इस बार 1 ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में स्वतंत्रता दिवस पर बारिश होगी
- बिहार के 5 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट
- बीते 24 घंटे में आरा में सबसे अधिक बारिश
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather: राजधानी समेत प्रदेश में मानसून का प्रभाव बना हुआ है। इनके प्रभाव से पटना सहित जिलों में हल्की व झमाझम वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना सहित जिलों में गरज-तड़क के साथ भारी बारिश की संभावना है।
सुबह 6 से 11 बजे के बीच इन जिलों में बारिश के आसार
सुबह 6 से 11 बजे के बीच वर्षा के आसार हैं। वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान चार जिलों के गोपालगंज, कैमूर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण जिले में गरज-तड़क के साथ भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा के आसार हैं।
आरा में सर्वाधिक बारिश के आसार
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश के दक्षिणी भाग के आरा में सर्वाधिक वर्षा 55.4 मिमी, बांका में 36.5 मिमी, भभुआ में 32.8 मिमी, फारबिसगंज में 30.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
मंगलवार को सासाराम, अरवल, जमुई, बांका, बेगूसराय व मुजफ्फरपुर को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
बेगूसराय में बढ़ा गंगा का जलस्तर
विगत दिनों में बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है। इसके बाद बछवाड़ा प्रखंड की चमथा पंचायत-एक, तीन, विशनपुर व दादुपुर के गांवों में मुख्य सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा है। चमथा दियारा की लगभग 50 हजार की आबादी चारों ओर पानी से घिरे होने के बावजूद जीने को मजबूर है।
खबरें और भी
अब ग्रामीणों के सामने भोजन का संकट पैदा होने लगा है। इलाके में खासकर बच्चे, वृद्ध, प्रसूति महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा के तटवर्ती इलाके में अधिकांश घरों तक पानी घुस आया है। लोग पानी से चारों ओर घिरे हैं। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव ही सहारा है।