बिहार में 10 हजार से 2 लाख तक मदद, अब शहरों में खुलेगा महिलाओं की कमाई का रास्ता
बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर शहरों में भी लागू होगी। इस योजना के तहत महिलाओं को 10 हजार रुपये की शुरुआ ...और पढ़ें

अब शहरों में भी दिखेगा योजना का असर
HighLights
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब शहरों में भी लागू।
महिलाओं को 10 हजार से 2 लाख तक की आर्थिक मदद।
2,446 नए कर्मियों को जीविका में नियुक्ति पत्र।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार की महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की पहल अब गांवों की सीमा से निकलकर शहरों तक पहुंचने वाली है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है।
योजना के तहत महिलाओं को शुरुआती स्तर पर आर्थिक मदद देने के बाद रोजगार को विस्तार देने के लिए अतिरिक्त सहयोग भी दिया जा रहा है।
10 हजार से शुरुआत, दो लाख तक मदद का रास्ता
मंगलवार को शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा आडिटोरियम में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के विभिन्न पदों पर चयनित 2,446 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत परिवारों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार दो-दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दे रही है।
अब शहरों में भी दिखेगा योजना का असर
योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने का निर्णय लिया है। यही फैसला आने वाले समय में योजना का सबसे बड़ा विस्तार साबित हो सकता है।
अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली यह पहल शहरों की महिलाओं और परिवारों की आजीविका को भी प्रभावित कर सकती है।
इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
2,446 युवाओं की नई जिम्मेदारी, गांव की अर्थव्यवस्था पर नजर
श्रवण कुमार ने कहा कि नवनियुक्त युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में करेंगे।
इन युवाओं की भूमिका केवल नियुक्ति तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम होगा।
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72 किसान उत्पादक कंपनियों ने बनाया बड़ा कारोबार
कृषि क्षेत्र में भी रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। राज्य में 72 किसान उत्पादक कंपनियां 265 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रही हैं।
इन कंपनियों से एक लाख से अधिक ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिले हैं। इससे साफ है कि महिला रोजगार योजना के साथ कृषि आधारित सामूहिक कारोबार भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहा है।
शहरों में कितना बदलेगा महिलाओं का रोजगार मॉडल?
ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की सफलता के बाद शहरी विस्तार का फैसला एक नए चरण की शुरुआत है।
अब देखना यह होगा कि शहरों में योजना किस तरह महिलाओं को रोजगार से जोड़ती है और 10 हजार रुपये की शुरुआती सहायता से शुरू होने वाला यह सफर कितनी महिलाओं को बड़े उद्यम तक पहुंचाता है।
यही विस्तार आने वाले दिनों में बिहार के महिला रोजगार मॉडल की अगली बड़ी तस्वीर तय कर सकता है।