Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Vaibhav Suryavanshi: बिना 100 गेंद खेले, शतकों से कीर्तिमान बना रहा ब‍िहार का वैभव; देखि‍ये र‍िकॉर्ड

    By Akshay Pandey Edited By: Vyas Chandra
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:37 PM (IST)

    Cricketer Vaibhav Suryavanshi: समस्तीपुर के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली से क्रिकेट में नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। उन् ...और पढ़ें

    आक्रामक बल्‍लेबाजी है वैभव सूर्यवंशी की पहचान। जागरण आर्काइव

    आक्रामक बल्‍लेबाजी है वैभव सूर्यवंशी की पहचान। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. वैभव सूर्यवंशी ने 100 गेंद खेले बिना कई शतक जड़े।

    2. आईपीएल में 35 गेंदों में शतक जड़कर दुनिया को चौंकाया।

    3. विजय हजारे और अंडर-19 एशिया कप में बनाए रिकॉर्ड।

    अक्षय पांडेय, पटना। शतक जड़ रोज नए कीर्तिमान गढ़ रहे समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की परिभाषा बदल दी है।

    खेल की पारंपरिक सोच क्रीज पर जमने की बजाए, आक्रामक शैली अपना बल्लेबाजी करने वाले वैभव ने शतक तो कई जड़े, पर नौबत कभी 100 गेंद तक खेलने की नहीं आई।

    14 वर्षीय बल्लेबाज बड़ी पारियों पर नजर डालें, तो उनकी क्रिकेट की नई तकनीक से परिचय होता है। खेल के जानकार कहते हैं कि अगर वैभव ने क्रीज पर टिकना शुरू कर दिया तो, वह क्रिकेट में ऐसे कीर्तिमान गढ़ेंगे, जिसके पास पहुंचना मुश्किल होगा।

    12 साल और 284 दिन की उम्र में मुंबई के खिलाफ रणजी ट्राफी में पदार्पण करने वाले वैभव हमेशा से गेंद को हवा से बात कराने में रुचि रखते रहे। 

    उनकी चर्चा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान के लिए खेलते हुए गुजरात के खिलाफ 35 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। इसके बाद लगातार छक्के-चौकों की झड़ी लगाते हुए वे सबकी नजरों में आने लगे।

    यह भी पढ़ें- वैभव सूर्यवंशी के दम पर बिहार ने बनाया था रिकॉर्ड; अब विजय हजारे में 'एलीट' बनने से बस एक कदम दूर

    स्ट्राइक रेट लिखता है जीत की पटकथा 

    टीम के लिए वैभव का स्ट्राइक रेट जीत की पटकथा लिखता है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की बात करें, तो बीते दिसंबर में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्राफी में गेंद खेलने के मामले में उनकी दूसरी बड़ी पारी रही।

    84 गेंद खेल उन्होंने 190 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 16 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के जड़े। इसके पहले इसी वर्ष दिसंबर में अंडर-19 एशिया कप में यूएई के खिलाफ 95 गेंद खेली थी। 14 छक्के लगाकर उन्होंने 171 रन की पारी खेली।

    खबरें और भी

    हर गेंद पर रन बनाना चाहता है वैभव 

    वैभव के प्रारंभिक प्रशिक्षक मनीष ओझा बताते हैं कि उसकी आक्रामण शैली बचपन से ही रही। वैभव नेट पर अभ्यास करने के दौरान बड़े-बड़े शाट लगाता था।

    उसका मानना था कि हर गेंद पर रन बनाए जाएं। टेस्ट, वनडे और टी-20 प्रारूप में क्रिकेट खेला जा रहा है। 11 खिलाड़ी का तरीका अगल-अलग होता है। सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ अपने आप में इसके उदाहरण हैं।

    खेल की नई तकनीक बता रहा युवा बल्लेबाज 

    प्लेट ग्रुप में बिहार को रणजी चैंपियन बनाने वाले व वर्तमान में अंडर-23 कोच पवन कुमार कहते हैं कि हर पेशे की तरह खेल की तकनीकों में परिवर्तन आता है।

    बदलाव स्वीकार करना होगा। वैभव का मंत्र मारो और खेल अपने पाले में करो का है। अमूमन बल्लेबाज पारी की शुरुआत में खराब गेंदों को भी क्रीज पर जमने के लिए छोड़ देते हैं।

    वैभव के पाले में पहली गेंद भी आई, तो बाउंड्री पार जाती है। उसे अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए। 


      प्रतियोगिता - गेंद - रन 

    • विजय हजारे ट्राफी -  84- 190
    • आइपीएल 2025-    38- 101
    • अंडर19 एशिया कप- 95- 171
    • यूथ टेस्ट-               62 -104
    • सैयद मुश्ताक अली ट्राफी- 61- 108
    • राइजिंग स्टार्स एशिया कप- 42- 144