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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    NDA को मिला 'चिराग', अब पशुपति पारस को मनाना चुनौती; चाचा-भतीजे के साथ अगल-अलग बैठक करेगी भाजपा

    By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
    Updated: Tue, 18 Jul 2023 08:58 AM (IST)

    लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान एनडीए में शामिल हो चुके हैं। बिहार की राजनीति के हिसाब से यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब चिराग के चाचा पशुपति ...और पढ़ें

    NDA को मिला 'चिराग', अब पशुपति पारस को मनाना चुनौती; चाचा-भतीजे के साथ अगल-अलग बैठक करेगी भाजपा
    NDA को मिला 'चिराग', अब पशुपति पारस को मनाना चुनौती; चाचा-भतीजे के साथ अगल-अलग बैठक करेगी भाजपा

    पटना, जागरण संवाददाता। दिल्ली में राजग की मंगलवार को होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान राजग में शामिल हो गए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

    बिहार की राजनीति के हिसाब से यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस को एनडीए खेमे में बनाए रखना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। दिवंगत दलित नेता रामविलास पासवान के निधन के बाद चाचा-भतीजा के बीच लोजपा दो गुटों में बंट चुकी है। दोनों किसी भी हाल में समझौते को तैयार नहीं हैं।

    चाचा को सबक सिखाना चाहते हैं चिराग

    रामविलास पासवान के नेतृत्व में लोजपा ने 2019 में छह लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा था और भाजपा के साथ सीट के बंटवारे के तहत उसे राज्यसभा की एक सीट भी मिली थी। उनके निधन के बाद लोजपा के छह में से पांच सांसदों के साथ दो वर्ष पहले चिराग के चाचा एवं केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने अलग गुट बना लिया था।

    अब चिराग चाहते हैं कि पार्टी में विभाजन के बावजूद भाजपा उनके साथ उसी व्यवस्था पर कायम रहे। जमुई सांसद चिराग 2024 में हाजीपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर चुके हैं। चिराग न सिर्फ अपने चाचा पशुपति पारस बल्कि उनके साथ गए चार सांसदों को भी सबक सिखाना चाह रहे हैं।

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    हाजीपुर सीट छोड़ने को तैयार नहीं पारस  

    उधर, चाचा पारस को भी रामविलास की पारंपरिक सीट हाजीपुर ही चाहिए, जहां से वह फिलहाल सांसद हैं। पारस अपने साथ के चार सांसदों की सुरक्षा भी चाह रहे हैं। दोनों चाचा-भतीजा अपनी मांग पर कायम हैं। माना जा रहा कि चाचा-भतीजे के साथ भाजपा की अलग से बैठक होगी और मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

    राजग की बैठक में चाचा-भतीजे का आमना-सामना

    मंगलवार को दिल्ली में चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस का आमना-सामना होने वाला है। मंगलवार को प्रस्तावित राजग की बैठक में दोनों नेता शामिल होने वाले हैं। इससे एक दिन पहले अमित शाह से चिराग की मुलाकात को चाचा-भतीजे के मतभेद सुलझाने की दिशा में अहम कड़ी माना जा रहा है