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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: 5 साल तक किसी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे ये अभ्यर्थी, सैकड़ों की लिस्‍ट तैयार; जल्‍द देना होगा BPSC को जवाब

    By Jai Shankar BihariEdited By: Prateek Jain
    Updated: Tue, 31 Oct 2023 01:54 AM (IST)

    BPSC Banned 20 Candidates For Five Years बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने प्राथमिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक लाख 70 हजार से अधिक पद ...और पढ़ें

    Bihar: 5 साल तक किसी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे ये अभ्यर्थी, सैकड़ों की लिस्‍ट तैयार; जल्‍द देना होगा BPSC को जवाब
    Bihar: 5 साल तक किसी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे ये अभ्यर्थी, सैकड़ों की लिस्‍ट तैयार; जल्‍द देना होगा BPSC को जवाब

    HighLights

    1. एक छात्रा पर भी हुई कार्रवाई, बायोमीट्रिक व आधार से नहीं हुआ था मिलान
    2. परीक्षा की तिथि से प्रभावी होगा प्रतिबंध, सभी आयोग को दी जाएगी जानकारी
    3. 24 से 26 अगस्त तक दो पालियों में आयोजित की गई थी परीक्षा

    जागरण संवाददाता, पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक लाख 70 हजार से अधिक पदों के लिए आयोजित परीक्षा में शामिल 20 अभ्यर्थियों को पांच वर्ष तक किसी भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।

    प्रतिबंधित सभी अभ्यर्थियों का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, क्रमांक, पिता का नाम, जन्म तिथि और कार्रवाई का कारण वेबसाइट https://www.bpsc.bih.nic.in/पर अपलोड कर दिया गया है।

    इसमें 19 छात्र व एक महिला अभ्यर्थी शामिल है। प्रतिबंध के पांच साल की गणना परीक्षा की तिथि से की जाएगी। 24 अगस्त की परीक्षा में शामिल 11, 25 की तिथि में तीन तथा अंतिम दिन 26 अगस्त की परीक्षा में छह अभ्यर्थी शामिल थे।

    संयुक्त सचिव ने दी जानकारी

    संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक (शिक्षक नियुक्ति) सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि 24 से 26 अगस्त तक आयोजित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल उक्त 20 अभ्यर्थी बीपीएससी सहित किसी भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अगले पांच वर्ष तक शामिल नहीं हो पाएंगे।

    इन सभी अभ्यर्थियों की विस्तृत जानकारी देश के सभी आयोगों से साझा की जाएगी। दूसरे के स्थान पर परीक्षा, पररूपधारण, बायोमीट्रिक और आधार कार्ड से मिलान नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को चिह्नित किया गया था।

    जांच में पुख्ता प्रमाण उपलब्ध होने के बाद सभी पर कार्रवाई की गई है। इस साल विभिन्न परीक्षाओं में कदाचार के कारण 30 से अधिक अभ्यर्थियों को तीन से पांच वर्ष तक प्रतिबंधित किया गया है।

    इन पर हुई कार्रवाई

    जिन अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें अंशु यादव, रामनंदन कुमार, रंजन कुमार गुप्ता, विकास कुमार राय, विकास चंद्र यादव, हरि प्रकाश, समीर राज, निरंजन कुमार, सरोज कुमार प्रसाद, राजाराम यादव, फूल कुमारी, मनीष कुमार, लालू कुमार, राकेश कुमार, शशि कुमार, मणिकांत कुमार, रितेश कुमार, मदन मोहन कुमार, गौरव कुमार व संजीत कुमार शामिल हैं।

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    फर्जी दस्तावेज वाले भी किए जा रहे हैं चिह्नित

    बीपीएससी ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में गलत प्रमाणपत्र जमा कर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की भी जांच कर रहा है। ऐसे लगभग 500 अभ्यर्थी चिह्नित किए गए हैं। इनसे कारण पूछा गया है।

    सात नंवबर तक आयोग की ईमेल आईडी पर संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित भी किया जा सकता है।

    आयोग के अनुसार, विद्यालय अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन में सैकड़ों अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं।

    अभ्यर्थी आवेदन के समय अपने दावा एवं उसके समर्थन में आवश्यक प्रमाण पत्रों को समर्पित करते हुए तथ्यों के सही होने की वचनवद्धता दी थी।

    परंतु दस्तावेजों के सत्यापन के समय पर्याप्त अवसर होने के बाद भी अनुपस्थित रहे। आयोग इसे कुप्रयास और कदाचार के दायरे में मानकर जांच कर रहा है।

    ऐसे अभ्यर्थी सात नवंबर तक आयोग के ईमेल पर अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करते हैं तो उन्हें कदाचार की श्रेणी में दोषी मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

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